संपूर्णानंद संस्कृत विवि के फर्जी अभिलेख के आधार पर नौकरी पाने का मामला पहले भी कई बार आ चुका है। मई 2020 में भी आगरा विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल करने वाली पांच शिक्षिकाओं को बर्खास्त किया गया था। इसके अलावा एक पैन कार्ड व आधार कार्ड पर अन्य जिलों में नौकरी कर रहे शिक्षकों पर भी कार्रवाई हो चुकी है।
शिक्षिका से हो सकती है साठ लाख की रिकवरी
सेवापुरी ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय कपसेठी में नियुक्त सहायक अध्यापक अर्चना पांडेय को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 31 मार्च को निलंबित कर दिया था। निलंबन के बाद बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी सेवापुरी डीपी सिंह को एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है।
डीपी ने बताया कि शिक्षिका के खिलाफ शनिवार को एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके साथ ही फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी करने को लेकर शिक्षिका से 60 लाख की रिकवरी नोटिस भी जारी होगी।
फर्जी डिग्री पर नौकरी करने वाले सभी शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही आहरित की गई धनराशि की रिकवरी होगी। - राकेश सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी