पुलिस और यातायात विभाग के संयुक्त अभियान में शहर की सड़कों पर नियमों की पोल खुल गई। कमिश्नरेट पुलिस की 10 घंटे लगातार चले अभियान के दौरान 2500 वाहनों की चेकिंग की गई। इस दौरान ऑटो, ई-रिक्शा, क्यूआर कोड और गलत रूट पर संचालन पर 9.93 लाख रुपये का समन शुल्क वसूला गया और 1.28 लाख का चालान किया गया। सर्किल में जांच के दौरान 335 वाहन, ई-रिक्शा व ऑटो बिना लाइसेंस के मिले, जबकि 132 बिना रजिस्ट्रेशन के पाए गए।
112 ई-रिक्शा और ऑटो निर्धारित रूट से अलग मार्गों पर चल रहे थे, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। नियमों के उल्लंघन पर अधिकारियों ने 58 वाहनों को सीज कर दिया। तीनों जोन की पुलिस और यातायात विभाग की चेकिंग में बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन संचालन, बिना पंजीकरण प्रमाण-पत्र (आरसी) के वाहन, क्यूआर, बार कोड के बिना या फर्जी क्यूआर कोड के साथ चलते वाहन चालक मिले।
जांच में ये भी सामने आया कि ऑटो-ईरिक्शा निर्धारित रूट और स्टैंड का उल्लंघन कर रहे हैं। ऐसे में पुलिस उपायुक्त काशी, वरुणा, गोमती जोन और पुलिस उपायुक्त यातायात के निर्देशन में सभी थाना प्रभारियों और यातायात निरीक्षकों की टीमें गठित की गईं जो रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, प्रमुख चौराहों, बाजार क्षेत्रों, स्कूल-कॉलेज मार्गों, स्टैंडों पर विशेष चेकिंग के लिए बनाए प्वाइंट पर मौजूद रहेंगे।
अधिकारी बोले
ऑटो, ई-रिक्शा, टैक्सी और अन्य व्यावसायिक वाहनों की विशेष रूप से जांच की गई। बिना वैध दस्तावेज और नियमों के विपरीत वाहन संचालन पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। परिवहन विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे आवश्यक कागजात पूरे रखें और निर्धारित रूट का ही पालन करें। -अंशुमान मिश्रा, एडीसीपी ट्रैफिक