गाजीपुर की महिला स्टेट बैंक में उच्च पद पर कार्यरत थी। उनकी शादी 3 साल पहले वाराणसी में तैनात पुलिसकर्मी से हुई थी। कुछ महीने बाद महिला ने अपना ट्रांसफर वाराणसी करा लिया। महिला साथ रहने की जिद करने लगी। पति राजी नहीं हुआ। वन स्टॉप सेंटर में दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया गया। समस्या का समाधान न होने पर महिला ने कोर्ट का रुख कर लिया।
चंदौली के चंधासी की महिला की शादी पहड़िया क्षेत्र के युवक से 2022 में हुई थी। पति मुंबई में नौकरी करता था। ससुराल में लोग प्रताड़ित करते थे। पत्नी साथ रहने की जिद करने लगी, लेकिन पति मना करता रहा। पति अकसर घर वालों की ही सुनता था। वन स्टाप सेंटर में शिकायत के बाद भी समाधान नहीं हुआ, नतीजन मामला कोर्ट तक पहुंचा।
वन स्टॉप सेंटर में आने वाले 75 प्रतिशत केसों का समाधान हो रहा है। जिन केस के समाधान नहीं हो पाते हैं, उन्हें कोर्ट जाने की सलाह दी जाती है। महिलाओं और युवतियों की समस्याओं के समाधान के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जाता है। - रश्मि दुबे, प्रभारी, वन स्टॉप सेंटर।