वाराणसी। एक अप्रैल से नेशनल ई-वे बिल लागू हो गया। ज्यादा से ज्यादा कारोबारी इस प्रणाली का लाभ उठाएं इसके लिए वाणिज्यकर विभाग ने कंट्रोल रूम नंबर भी जारी किया है। लेकिन पहले दिन कंट्रोलरूम नंबर पर एक भी ई-वे बिल से संबंधित पूछताछ के लिए फोन नहीं आया। जहां विभागीय अधिकारी इस बात से संतुष्ट है और इसे सब कुछ ठीक-ठाक मान रहे हैं वहीं व्यापारियों का कहना है कि विभाग की तरफ से कोई भी हेल्पलाइन नंबर नहीं दिया गया है जिससे व्यापारी अपनी समस्याओं को बता सकें। वहीं ई-वे बिल फार्म डाउनलोड को लेकर पूरे दिन व्यापारी माथापच्ची करते रहे। पहले ही दिन सरवर हैंग होता रहा।
व्यापारी घनश्याम जायसवाल, रमेश माहेश्वरी का कहना है कि राष्ट्रीय ई-वे बिल से संबंधित कंट्रोल रूम नंबर समाचार पत्र के माध्यम से एक दिन पहले पता चला है। विभाग की तरफ से कंट्रोल रूम नंबर के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गयी। विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर वीके शुक्ला का कहना है कि कंट्रोल रूम नंबर पिछले दो साल से लागू है। विभाग के अधिकारियों ने जीएसटी व ई-वे बिल से जितनी भी समस्याएं उसका निवारण कर दिया है । यही वजह है कि कंट्रोल रूम नंबर पर पूछताछ के लिए कोई फोन नहीं आया। यह बात अलग है कि विभाग ने कंट्रोल रूम नंबर का प्रचार-प्रसार नहीं किया।
ज्वाइंट कमिश्नर वीके शुक्ला का कहना है कि राष्ट्रीय ई-वे बिल का अधिक से अधिक व्यापारी लाभ लें सके इसके लिए रविवार को चंदौली, करमनाशा आदि क्षेत्रों में विभाग के अधिकारी ग्रुप बनाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। रजिस्ट्रेशन के तरीके और ई-वे बिल कैसे जनरेट होता इसके बारे में जानकारी दी जा रही है।