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तीन थाना क्षेत्रों के मुआयने पर निकले काशी के कोतवाल

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वाराणसी। स्वर्ण-रजत स्वरूप में सजे काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव ने सुख, शांति, समृद्धि के लिए रविवार को तीन थाना क्षेत्रों का पालकी पर सवार होकर मुआयना किया। मोहक झांकियों, ध्वजा-पताकाओं से सुसज्जित 11 घोड़ों पर सवार राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, हनुमान के स्वरूपों के दर्शन के लिए छतों, बारजों पर महिलाओं, बच्चों की भीड़ लगी रही। रास्ते भर पुष्पवर्षा के साथ जगह-जगह आरती उतारी गई।
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चौखंभा में काठ की हवेली से शोभायात्रा बाबा कालभैरव की स्वर्ण-रजत प्रतिमा की शोभायात्रा सुबह आठ बजे निकाली गई। इलाहाबाद से आई हनुमान जी की झांकी आकर्षण का केंद्र बनी रही। गोविंदेश्वर महादेव डमरूदल के सुनील के नेतृत्व में डमरू नाद हो रहा था तो काशी शंखनाद सेवा समिति के सुरेश कुमार क्षत्रिय के नेतृत्व में शंखध्वनि गूंज रही थी। आदिशक्ति सत्संग मंडल के लालचंद चौरसिया अपने सहयोगी कलाकारों के साथ सुमधुर भजनों की प्रस्तुति करते रहे। शहनाई की मंगल ध्वनि भी गूंज रही थी। शोभायात्रा कोतवाली क्षेत्र के बीबीहटिया, जतनबर, दूधकटरा, विशेश्वरगंज, जैतपुरा थाना क्षेत्र के मृत्युंजय महादेव, दारानगर, मध्यमेश्वर और चौक थाना क्षेत्र के बुलानाला, चौक, नारियल बाजार, गोविंदपुरा, गोलघर होते हुए कालभैरव मंदिर पहुंची। शोभायात्रा में स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी के अध्यक्ष मुरली मनोहर सिंह, महामंत्री अनुज गौतम बंटी, कैलाश सिंह विकास, किशोर कुमार सेठ, श्याम सुंदर सिंह, कमल कुमार सिंह, राजू वर्मा, दुर्गा प्रसाद सेठ, घनश्याम सेठ, अशोक वर्मा, सुरेंद्र सोनी, संदीप सिंह, आशीर्वाद सिंह आदि उपस्थित थे।
इनसेट
पंचवदन प्रतिमा का वैदिक मंत्रोच्चार से अभिषेक, गूंजे जयकारे
स्वर्ण-रजत मंडित पंचवदन बाबा कालभैरव की प्रतिमा दोपहर में भैरोनाथ स्थित मंदिर में पहुंचाई गई। इस दौरान गगनभेदी जयकारे गूंज रहे थे। मंदिर में पं. लक्ष्मीकांत दीक्षित के आचार्यत्व में 11 ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सविधि पूजा कराई।
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