चौरी (भदोही)। रोटहां के एक मकान में शनिवार को हुए भीषण विस्फोट के बाद वहां बांग्लादेशी होने की अफवाह से डरे पश्चिम बंगाल से आए कई बुनकर हादसे के अगले दिन रविवार को अपने घरों के लिए रवाना हो गए। इससे कालीन व्यापारियों को एडवांस में दिए लाखों रुपये डूबने का डर सताने लगा है। चौरी के कई कालीन कारखानों में दूसरे दिन रविवार को कामकाज बंद रहा।
मखमली कालीनों के लिए विश्व प्रसिद्ध कालीन नगरी भदोही में भदोही नगर, नई बाजार, खमरिया, गोपीगंज और चौरी के रोटहां, वेदमनपुर आदि इलाकों में कालीन बुनाई का काम बड़े पैमाने पर होता है। बिहार, पश्चिम बंगाल समेत अन्य प्रांतों के बड़ी संख्या में बुनकर काम करने के लिए यहां आते हैं।
वेदमनपुर, रोटहा और कोल्हड़ में भारी संख्या में बंगाल के बुनकर कालीन बुनाई करते हैं। इन्हीं बुनकरों से कालीन कारखाने में तेजी से कालीन तैयार होती हैं। कारखाना चलाने के लिए कालीन व्यवसायी बुनकरों को लाखों रुपये एडवांस में दे देते हैं। बताया जा रहा है कि बांग्लादेशी होने की अफवाहों से बंगाली बुनकर काफी सहम गए और कारखाने छोड़कर अपने घरों के लिए रवाना हो रहे हैं। शनिवार की घटना के बाद रविवार को दूसरे दिन भी कालीन कारखानों से खटर पटर की आवाजें बंद रही।