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दांव पर 32 और तालाबों का वजूद

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वाराणसी। शहरी क्षेत्र के 32 और तालाबों का वजूद खत्म होने के कगार पर है। अतिक्रमण और अवैध कब्जों से इनका दायरा लगातार सिकुड़ता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट और शासन के तमाम निर्देशों और सख्ती के बावजूद प्रशासन और नगर निगम की आंखों के सामने ही अवैध कब्जों की होड़ मची है। पिछले 24 मई को वाराणसी आए जिले के नोडल अधिकारी एवं प्रमुख सचिव चिकित्सा-शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे के समक्ष प्रशासन ने 64 तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करने के दावे किए थे। इस पर नोडल अधिकारी ने इसका प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे लेकिन हकीकत की तस्वीर इससे कहीं अधिक चिंतित कर देने वाली है। हालांकि शहरी क्षेत्र के पांच तालाबों को जल्द से जल्द अभियान चलाकर अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने जारी किया है।
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आपको यह जानकर हैरानी होगी कि शहरी क्षेत्र के कुल 136 तालाबों-कुंडों में 30 का वजूद पहले ही नगर निगम की फाइलों में सिमट चुका है। निगम के कागजात में इन तालाबों का पूरा ब्यौरा आपको मिल जाएगा लेकिन मौके पर आप इन्हें ढूंढते रह जाएगा। इन्हें पाटकर मनमाना तरीके से निर्माण करा लिए गए हैं और इसकी पूरी रिपोर्ट भी निगम के पास है लेकिन इन्हें पुनर्जीवित करने या संरक्षित करने की कोई ठोस पहल अब तक नहीं हुई। नतीजतन कब्जेदारों के हौसले और बढ़ गए। अब इन्हीं की तरह शहर के 32 और तालाबों का वजूद दांव पर लग गया है। अतिक्रमण और अवैध कब्जों से घिरे इन तालाबों को कब्जामुक्त कराने के लिए अभियान तो चलाए गए लेकिन कार्रवाई कभी खानापूर्ति से आगे नहीं बढ़ पाई।
अब कमिश्नर के निर्देश के बाद शहरी क्षेत्र के पांच तालाबों को कब्जामुक्त कराने की तैयारियां नगर निगम ने शुरू की हैं। निगम का कहना है कि जल्द ही नगर निगम और प्रशासन की संयुक्त इन तालाबों से कब्जा हटवाएगी।
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