4.5 लाख के फर्जी ई-टिकट संग दो गिरफ्तार
28 सौ रुपये नकद एवं दो लैपटॉप, प्रिंटर, बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
सैदपुर (गाजीपुर)।
रेलवे के फर्जी ई-टिकट बनाने के मामले में आरपीएफ को रविवार की देर शाम बड़ी सफलता मिली। आरपीएफ औड़िहार और रेलवे सुरक्षा बल वाराणसी जोन की सीआईबी (क्राइम इंवेस्टीगेशन ब्यूरो) टीम ने आजमगढ़ के मेहनाजपुर के तरवां मोड़ की एक दुकान पर छापेमारी कर दो लोगों को करीब साढ़े चार लाख के फर्जी ई- टिकट के साथ गिरफ्तार कर लिया।
आरपीएफ प्रभारी नरेश कुमार मीणा को आजमगढ़ के मेहनाजपुर में तरवां क्षेत्र में आईआरसीटीसी की वेबसाइट से फर्जी आईडी से टिकट बनाने की शिकायत काफी दिनों से मिल रही थी। जांच के बाद आरपीएफ और सीआईबी की टीम ने तरवां क्षेत्र की एक दुकान में छापेमारी कर वहां से मेहनाजपुर के लालमऊ निवासी दुकान मालिक जगन्नाथ प्रजापति और वहां काम करने वाले मेहनाजपुर थाना के सिउका अबीरपुर निवासी रोहित प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में दुकान से चार लाख 11 हजार 631 रुपये कीमत के 178 ई-टिकट बरामद हुए। इसके अलावा दुकान से 28 सौ रुपये नकद एवं दो लैपटॉप, प्रिंटर, चार नेटसेटर, चार बैंकों के एटीएम कार्ड और पासबुक को जब्त कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों का संबंधित धाराओं में चालान कर जेल भेज दिया गया। आरपीएफ प्रभारी नरेश मीणा ने बताया आरोपी एक साफ्टवेयर की मदद से साइट हैक कर ई- टिकट बनाते थे। जगन्नाथ फर्जी टिकट मामले में पहले भी जेल जा चुका है। अब उसने इस काम के लिए रोहित को आगे कर दिया था व खुद गाड़ी चलाता था । टीम में केके राय, फेकन सिंह यादव, विनय कुशवाहा, श्रीराम मिश्र, सुमित खरवार शामिल रहे। रेलवे सुरक्षा बल के वाराणसी मंडल के सीनियर कमांडेंट डी के मौर्या ने कहा कि इस बड़ी कामयाबी पर इस आपरेशन में शामिल टीम को पुरस्कृत किया जाएगा।