ज्ञानपुर। मिट्टी की जांच के बाद बनाया गया मृदा स्वास्थ्य कार्ड किसानों को वितरित होने लगा है। कृषि विभाग ने दो दिवसीय अभियान में 79 गांवों के सात हजार किसानों को कार्ड वितरित किया। दूसरे चरण में 23 मार्च को करीब 11 हजार किसानों को स्वास्थ्य कार्ड दिया जाएगा। वित्तीय वर्ष में 69 हजार किसानों को स्वास्थ्य कार्ड वितरित होगा।
अधिक पैदावार की लालच में किसान खेतों में रासायनिक खादों का अंधाधुंध उपयोग करते हैं। इससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति खत्म होने लगती है और खेत बंजर होने लगते हैं। ऐसे में शासन के निर्देश पर मिट्टी की उर्वरा शक्ति परखने के लिए मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाया जा रहा है। पूर्व में अभियान चलाकर जिले के 69 हजार किसानों के खेतों की मिट्टी की जांच की गई थी। जिससे किसान रबी, खरीफ और जायद सीजन में खेती करने से पूर्व मिट्टी की पोषकता मृदा स्वास्थ्य कार्ड से पता लगा सके। खेत में कितनी खाद, दवाएं डालनी होगी वह मृदा स्वास्थ्य कार्ड से पता चलेगा। कृषि विभाग ने दो दिवसीय अभियान में सात हजार किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया। उप निदेश कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि शुक्रवार को 52 गावों के 3500 और शनिवार को 27 गांवों के 3612 किसानों को स्वास्थ्य कार्ड दिया गया। कार्ड के माध्यम से किसान खेतों में कितना यूरिया, पोटाश और डाई का प्रयोग करेगा पता चलेगा। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष में 69 हजार किसानों को कार्ड दिया जाएगा।