वाराणसी। दरोगा पिता और सौतेली मां पर मारपीट-उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए नाबालिग बेटी ने अपनी रक्षा की गुहार लगाई है। आशा ज्योति केंद्र के माध्यम से बाल कल्याण समिति के चेयरमैन के समक्ष पहुंची बेटी ने कहा कि वह अपने पिता के पास नहीं जाना चाहती। पिता और सौतेली मां आए दिन मारने-पीटने के साथ ही प्रताड़ित करते हैं। बाल कल्याण समिति के निर्देश पर 17 वर्षीय किशोरी को पांडेयपुर स्थित बालिका गृह में रखा गया है। शुक्रवार को मेडिकल मुआयना और मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने के बाद किशोरी को उसके नाना के घर भेजा जाएगा। मामले की जानकारी एसएसपी को भी दी गई है।
आशा ज्योति केंद्र पहुंची 17 वर्षीय किशोरी ने बताया कि जब वह पांच वर्ष की थी तभी उसकी मां की हत्या हुई थी। इस मामले को लेकर हरदोई में उसके दरोगा पिता के खिलाफ दहेज हत्या सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज है। कुछ दिनोें पूर्व उसने अपने पिता के खिलाफ न्यायालय में गवाही दी थी। इसके बाद से उसके पिता और सौतेली मां आए दिन मारने-पीटने के साथ ही प्रताड़ित करते हैं। इससे आजिज आकर 12 दिसंबर को वह घर से निकल कर अपनी सहेली के यहां गई। इस बीच उसके एक दोस्त पर अपहरण का झूठा आरोप लगाते हुए उसके पिता ने उसे कैंट थाने में बंद कर दिया और जमकर पिटाई की। सहेली के घर वालों की मदद से महिला हेल्पलाइन पर संपर्क किया तो उसे आशा ज्योति केंद्र जाने को कहा गया।
आशा ज्योति केंद्र में काउंसलिंग के बाद बाल कल्याण समिति के चेयरमैन मनोज मिश्रा के समक्ष ले जाया गया। समिति के चेयरमैन ने किशोरी की फरियाद सुनी और उसे बालिका गृह भिजवाया। इस बारे में चेयरमैन ने बताया कि बाल कल्याण समिति किशोरी के अधिकारों की रक्षा करेगी। उधर, प्रभारी निरीक्षक कैंट फरीद अहमद ने बताया कि संबंधित दरोगा ने 12 दिसंबर को एक युवक के खिलाफ अपनी बेटी के अपहरण और छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया था। गुरुवार को पता लगा कि किशोरी बाल कल्याण समिति की देखरेख में है। शुक्रवार को किशोरी का मेडिकल मुआयना और मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराया जाएगा।