सिगरा स्थित स्कूल ड्रेस व्यापारी शोभित अग्रवाल बताते हैं कि बच्चों के स्कूल यूनिफॉर्म की कीमतों में इस बार पांच से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।
फीस बढ़ने से पहले ही परेशान हैं अभिभावक
कॉपी किताबों की कीमत में वृद्धि से अभिभावकों पर दोहरी मार पड़ेगी। कोरोना काल में शासन के निर्देश के बाद भी कई निजी स्कूलों ने फीस में बढ़ोतरी की थी। नया सत्र शुरू होने के साथ अभिभावकों को फीस बढ़ोतरी का भी डर सताने लगा है। ट्रांसपोर्ट, परीक्षा शुल्क, कंप्यूटर फीस, स्मार्ट क्लास, समेत अन्य मदों में बढ़ोतरी के चलते अभिभावकों पर अच्छा खासा बोझ पड़ेगा। ऐसे में अभिभावकों का बजट बिगड़ना तय है।
कक्षा कीमतें (हजार में)
प्री प्राइमरी ढाई से साढ़े तीन हजार
एक से पांच चार से साढ़े पांच हजार
छह से आठ पांच से सात हजार
नौ से दस सात से आठ हजार
ग्यारह से बारह आठ से नौ हजार
- यूनिफार्म की कीमत (एक सेट)
कक्षा कीमत
प्री प्राइमरी 1700
एक से पांच 2000
छह से आठ 2500
नौ से 12 3500
सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में यूनिफार्म, स्वेटर, जूते-मोजे और स्कूल बैग की धनराशि इस बार भी डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों को भेजी जाएगी। नए शैक्षिक सत्र 22-23 के लिए प्रमुख सचिव बेसिक की ओर से पत्र जारी कर सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
कहा गया है कि एक से आठवीं तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के निशुल्क यूनिफार्म, स्वेटर, स्कूल बैग एवं जूते के क्रय से संबंधित धनराशि अभिभावकों के आधार सीडेड बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। नवीन छात्र-छात्राओं को पंजीकरण कराना होगा। वहीं, पुराने छात्रों का नवीनीकरण प्रेरणा पोर्टल पर 20 मई तक होगा। छात्रों व उनके अभिभावकों के आधार का सत्यापन प्रेरणा डीबीटी मोबाइल एप के माध्यम से प्रधानाध्यापक द्वारा किया जाएगा।
10 हजार बच्चों को अब तक नहीं मिली राशि
शासन की ओर से शैक्षिक सत्र 2021-22 के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक अभिभावकों के खाते में पैसे नहीं भेजे गए हैं। अभी भी जिले के दस हजार बच्चों को यूनिफार्म नहीं मिल सकी है, इनके अभिभावक रोज स्कूलों के चक्कर लगा रहे हैं।