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शिक्षा पर महंगाई की मार: कॉपी-किताब और यूनिफॉर्म की कीमतों में 20 फीसदी तक का इजाफा, अभिभावक लाचार

Wed, 23 Mar 2022 03:45 PM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

कॉपी किताबों की कीमत में वृद्धि से अभिभावकों पर दोहरी मार पड़ेगी। कोरोना काल में शासन के निर्देश के बाद भी कई निजी स्कूलों ने फीस में बढ़ोतरी की थी। नया सत्र शुरू होने के साथ अभिभावकों को फीस बढ़ोतरी का भी डर सताने लगा है।
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किताब-कॉपी की खरीदारी करते अभिभावक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नए सत्र में बच्चों के प्रवेश को लेकर अभिभावकों की दौड़ शुरू हो गई है। कई स्कूलों में परीक्षा परिणाम भी आ चुके हैं। अभिभावकों को किताबों की सूची भी दी जा रही है। अब बच्चों के बस्ते का बोझ भी अभिभावकों की जेब पर पड़ने वाला है। कॉपी-किताबों की कीमतों में पिछले वर्ष के मुकाबले 20 फीसदी की वृद्धि हुई है।

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इस माह के अंत में जब अभिभावक खरीदारी करेंगे तो उन्हें पहले से ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ेगी। नए सत्र के लिए कई स्कूलों ने किताबों की लिस्ट जारी कर दी है, तो कई स्कूलों में जारी होनी वाली है। कुछ स्कूलों ने एडवांस में किताबों व स्टेशनरी के ऑर्डर दे दिए हैं।

स्कूल यूनिफॉर्म की कीमतों में 10 प्रतिशत तक की वृद्धि

अधिक तर स्कूल कैंपस या फिर किसी विशेष दुकान से ही कॉपी-किताब खरीदने के अभिभावकों को निर्देश देते हैं। दुकानदारों के मुताबिक, यहां से खरीदारी करने पर अभिभावकों को 10 से 15 प्रतिशत की छूट दी जाती है, लेकिन स्कूल प्रशासन की तरह से सेट दुकान से अभिभावकों को किसी भी प्रकार की छूट नहीं मिलती है।

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सिगरा स्थित स्कूल ड्रेस व्यापारी शोभित अग्रवाल बताते हैं कि बच्चों के स्कूल यूनिफॉर्म की कीमतों में इस बार पांच से 10 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है।

फीस बढ़ने से पहले ही परेशान हैं अभिभावक
कॉपी किताबों की कीमत में वृद्धि से अभिभावकों पर दोहरी मार पड़ेगी। कोरोना काल में शासन के निर्देश के बाद भी कई निजी स्कूलों ने फीस में बढ़ोतरी की थी। नया सत्र शुरू होने के साथ अभिभावकों को फीस बढ़ोतरी का भी डर सताने लगा है। ट्रांसपोर्ट, परीक्षा शुल्क, कंप्यूटर फीस, स्मार्ट क्लास, समेत अन्य मदों में बढ़ोतरी के चलते अभिभावकों पर अच्छा खासा बोझ पड़ेगा। ऐसे में अभिभावकों का बजट बिगड़ना तय है।

  • कॉपी-किताब की कीमतें
कक्षा कीमतें (हजार में)
प्री प्राइमरी ढाई से साढ़े तीन हजार
एक से पांच चार से साढ़े पांच हजार
छह से आठ पांच से सात हजार
नौ से दस सात से आठ हजार
ग्यारह से बारह आठ से नौ हजार
  • यूनिफार्म की कीमत (एक सेट)
कक्षा                     कीमत
प्री प्राइमरी             1700
एक से पांच            2000
छह से आठ           2500
नौ से                   12 3500
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यूनिफार्म की धनराशि: इस सत्र का मिला नहीं, अगले का आदेश जारी

सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में यूनिफार्म, स्वेटर, जूते-मोजे और स्कूल बैग की धनराशि इस बार भी डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों को भेजी जाएगी। नए शैक्षिक सत्र 22-23 के लिए प्रमुख सचिव बेसिक की ओर से पत्र जारी कर सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है।

कहा गया है कि एक से आठवीं तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के निशुल्क यूनिफार्म, स्वेटर, स्कूल बैग एवं जूते के क्रय से संबंधित धनराशि अभिभावकों के आधार सीडेड बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। नवीन छात्र-छात्राओं को पंजीकरण कराना होगा। वहीं, पुराने छात्रों का नवीनीकरण प्रेरणा पोर्टल पर 20 मई तक होगा। छात्रों व उनके अभिभावकों के आधार का सत्यापन प्रेरणा डीबीटी मोबाइल एप के माध्यम से प्रधानाध्यापक द्वारा किया जाएगा। 

10 हजार बच्चों को अब तक नहीं मिली राशि 
शासन की ओर से शैक्षिक सत्र 2021-22 के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए थे, लेकिन अभी तक अभिभावकों के खाते में पैसे नहीं भेजे गए हैं। अभी भी जिले के दस हजार बच्चों को यूनिफार्म नहीं मिल सकी है, इनके अभिभावक रोज स्कूलों के चक्कर लगा रहे हैं। 
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