वाराणसी। प्रधानों के शपथ ग्रहण के बाद भी जिले की 197 ग्राम पंचायतों का गठन नहीं हो पाएगा। दरअसल, इन गांवों में ग्राम पंचायत सदस्यों की संख्या कम है। ऐसे में गांवों का विकास कार्य भी प्रभावित होगा। वहीं, ग्राम पंचायत सदस्य के 2,895 सीटों पर कोई दावेदार नहीं होने पर सीटें खाली रह जाएंगी। अब इन सीटों पर जून में उपचुनाव कराए जाने की बात हो रही है। इसके बाद ही प्रभावित ग्राम पंचायतों का गठन हो पाएगा।
जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य पद पर चुनाव लड़ने को लेकर ग्रामीणों में खासी रुचि रही। इसके विपरीत ग्राम पंचायत सदस्य बनने को लेकर वह सामने नहीं आए। ग्राम पंचायत के गठन के लिए दो तिहाई सदस्यों का निर्वाचन अनिवार्य है। इससे कम सदस्य पर गांव की सरकार का गठन नहीं हो पाएगा। प्रधान तथा पंचायत से जुड़ी समितियों के खाते भी नहीं खुल पाएंगे।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राजाराम वर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत सदस्यों के कुल पदों की संख्या 8, 978 है। 4751 पदों पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ था। 1327 लोग चुनाव लड़े थे। 2895 पद रिक्त रह गए थे। कुल 6086 पदों पर चुनाव की घोषणा की गई थी। 197 ग्राम पंचायतों में सदस्यों की संख्या कम है। ऐसे में ग्राम पंचायतों का गठन नहीं हो पाएगा। यहां की रिक्त सीटों पर बाद में चुनाव होगा।