वाराणसी। छावनी बोर्ड प्रशासन और निर्वाचित सदस्यों के बीच कई महीनों से चल रहा गतिरोध जारी है, जिसके कारण परिषद् की संसदीय प्रक्रिया लगातार प्रभावित बनी हुई है। इसी क्रम में निर्वाचित सदस्यों ने गुरुवार को छावनी परिषद की बैठक का बहिष्कार किया और धरने पर बैठ गए।
छावनी बोर्ड की बैठक शुरू होते निर्वाचित सदस्य परिषद की बैठक व कार्रवाई की वैधानिकता पर सवाल खड़े करते हुए धरने पर बैठ गए। बोर्ड उपाध्यक्ष चंद केशव के नेतृत्व में शैलेंद्र सिंह, राज कुमार दास, शैलजा श्रीवास्तव, मसूदा हुसैन और अधिवक्ता अरविंद यादव (पार्षद पति) धरने में शामिल रहे। सदस्य संगीता यादव की तबियत खराब हो जाने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया। शेष सदस्य छावनी कार्यालय के पोर्टिको में सदन संचालन की कार्रवाईयों, जनहित के खिलाफ हो रहे कार्यों और घरेलू टेक्सों में 100 गुना वृद्धि का विरोध करते रहे। पार्षदों का आरोप है कि एकमात्र निर्वाचित सदस्य शहनवाज के साथ छावनी अधिशासी अधिकारी व सैन्य अधिकारियों ने नियम विरुद्ध प्रक्रिया से बैठक करके जनविरोधी प्रस्ताव पारित कर दिए, जिससे जनता में आक्रोश है। सदस्यगण की मांग है कि नियम विरुद्ध हो रही बैठक और पिछली अवैधानिक बैठकों में जो भी जनविरोधी प्रस्ताव पारित हुए हैं। उस कर वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाय, अन्यथा धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।