ज्ञानपुर। सीतामढ़ी स्थित दयावंती पुंज मॉडल स्कूल के प्रबंधतंत्र से नाराज होकर कई शिक्षक शुक्रवार को कलेक्ट्रेट धमके। डीएम को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की मांग किया। आरोप लगाया कि स्कूल का प्रबंधतंत्र तानाशाही पर उतर आया है। शिक्षक़ों को स्कूल में प्रताड़ित किया जा रहा है। स्थाई नियुक्ति की मांग करने पर उन्हें स्कूल से बर्खास्त किया जा रहा है। शिक्षकों ने स्कूल गेट पर धरना देने के बाद डीएम से गुहार लगाई।
दयावंती पुंज माडल स्कूल सीतामढ़ी में स्कूल प्रंबंधन की मनमानी रवैये से शिक्षक ही नहीं अभिवावक भी परेशान हैं। धरना देने वाले शिक्षकों ने आरोप लगाया कि बच्चों से 12 महीने की शुल्क वसूूूला जाता है, लेकिन शिक्षकों को 11 महीने का ही वेतन दिया जाता है। 12 महीने के वेतन की मांग करने पर शिक्षकों को प्रताड़ित किया जाता है। यही नहीं महिला शिक्षकों को प्रसूति अवकाश देने के बजाय इस्तीफा के लिए विवश किया जाता है। प्रधानाचार्य किसी का भी सुनने को कुछ तैयार नहीं हैं। विद्यालय प्रबंधन जिला प्रशासन के आदेशों का बी उल्लंघन करता है। विद्यालय प्रबंधन के तानाशाही रवैये का विरोध करने पर स्कूल के शिक्षक आशीष कुमार मिश्र को स्कूल से बर्खास्त कर दिया गया। इसके अलावा शिक्षक शैलेश पांडेय, राजकुमार पांडेय और प्रशांत पांडेय आदि को स्कूल से बर्खास्त करने के लिए धमकाया जा रहा है। प्रधानाचार्य डॉ. राजकुमारी ने कहा कि सारे आरोप बेबुनियाद है। शिक्षक आशीष मिश्रा को अनुशासनहीनता में हटाया गया। शिक्षिका कामिनी मिश्रा इनकी पत्नी है और वह 8 माह पहले ही स्वेच्छा से स्कूल से त्याग पत्र दे चुकी है। जबकि खुशबू मिश्रा आशीष की सगी बहन है और वह आज भी स्कूल में ड्यूटी पर थी। शैलेश कुमार पाण्डेय 10 फरवरी से बतौर ट्रायल शिक्षक रखे गए थे लेकिन वे शिक्षण कार्य में उपयुक्त नही पाए गए इसलिए उन्हें जवाब दे दिया गया। सभी लोग किसी षड्यंत्र के तहत कार्य कर रहे है।इनसेट
दयावंती पुंज माडल स्कूल की शिकायत मिली है। श्रम विभाग को इसकी जांच करने के लिए कहा गया है। स्कूल में नियुक्त शिक्षकों को पूरा पारिश्रमिक मिलना चाहिए। इसमें कोताही बर्दाश नहीं की जाएगी। जांच के बाद स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।-विशाख जी, डीएम भदोही