ज्ञानपुर। बिजली चोरी रोकने और बकाया बिल वसूली के लिए विद्युत विभाग भले ही अभियान चलाकर गरीबों, किसानों पर केस दर्ज करा रहा है लेकिन सरकारी विभागों के बकाए पर चुप्पी साधे हुए है। करीब 10 करोड़ रुपये बकाया होने के बाद भी सरकारी विभागों से वसूली के लिए ठोस पहल नहीं हो रही है। तीन करोड़ की बकाएदारी से बेसिक शिक्षा विभाग शीर्ष पर है।
घाटे से जूझ रहा विद्युत विभाग बिजली चोरी रोकने और बकाया बिल वसूलने में दोहरा रवैया अपना रहा है। विभाग की ओर से समय-समय पर अभियान चलाया जाता है लेकिन यह सिर्फ आम उपभोक्ता तक सिमट कर रह जाता है। करोड़ों रुपये बकाया होने के बावजूद बड़े उद्यमियों और सरकारी कार्यालयों की न तो बिजली काटी जाती है और न उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाता है। वित्तीय वर्ष 2017-18 के आंकड़ों के अनुसार भदोही और ज्ञानपुर उपखंडों में 200 से अधिक दुकानदारों, किसानों पर बिजली चोरी और बिल बकाया मामले में मुकदमे दर्ज कराए गए जबकि सरकारी विभागों पर बकाया 10 करोड़ की वसूली के लिए कोई सख्ती नहीं दिखाई गई। यही वजह है कि सरकारी विभाग भी बिल जमा करने में दिलचस्पी नहीं ले रहे। बिल बकाएदारी में बेसिक शिक्षा शीर्ष पर है। इस विभाग पर करीब तीन करोड़ से अधिक बिजली बिल बाकी है। इसी तरह नलकूप, जल निगम, जिला अस्पताल, विकास भवन, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग पर भी लाखों रुपये बकाया हैं। इस बारे में अधिशासी अभियंता अमर सिंह का कहना है कि सरकारी विभागों और कार्यालयों को बिल जमा करने के लिए नोटिस भेजा गया है। समय पर बिल जमा न करने पर उनका कनेक्शन काट दिया जाएगा।