वाराणसी। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पद के लिए बुधवार को अंतिम तिथि तक भारत धर्म महामंडल को दो सौ आवेदन प्राप्त हुए। हालांकि शंकराचार्य पद के चयन के लिए बनी स्क्रीनिंग कमेटी के मुताबिक इनमें से केवल चार दावेदारों का जीवनवृत्त एवं अन्य विवरण संपूर्ण था। इस स्थिति में भारत धर्म महामंडल बाकी 196 दावेदारों से पत्राचार के बाद ही इस मामले में आगे कोई निर्णय लेगा।
बुधवार को लहुराबीर स्थित भारत धर्म महामंडल में बैठक के दौरान शंकराचार्य पद के लिए आए दो सौ आवेदन पत्रों पर चर्चा की गई। जिन चार दावेदारों के आवेदनपत्र पूर्ण हैं उनमें लुधियाना के स्वामी देवव्रत, मध्य प्रदेश के त्रयंबकेश्वर चैतन्य, जूना अखाड़े से नेपाल की साध्वी हेमानंद गिरी और काशी के दिव्य चैतन्य के आवेदन हैं। शंकराचार्य पद के चयन के लिए गठित स्क्रीनिंग कमेटी उनके नाम पर विचार करेगी।
संयोजक डॉ. शंभू नाथ उपाध्याय ने बताया कि चार आवेदन पूर्ण विवरण के साथ प्राप्त हुए हैं। शेष 196 आवेदकों से पत्र व्यवहार कर उनसे पूर्ण जीवनवृत्त भेजने का अनुरोध किया जाएगा। इसके साथ ही तीनों शंकराचार्य से भी पत्र व्यवहार किया गया है। स्वामी स्वरूपानंद ने तो स्वयं को ही उम्मीदवार घोषित कर दिया है जबकि स्वामी निश्चलानंद सरस्वती और भारतीय तीर्थ की तरफ से कोई नाम नहीं प्राप्त हुआ है। इस दौरान डॉ. दयानिधि मिश्र, डॉ. भाल शास्त्री, डॉ. प्यारे सिंह, डॉ. कुंवरपाल धरना, डॉ. राजेश राय आदि मौजूद थे।