वाराणसी। वरुणा नदी के डूब क्षेत्र में कराए गए अवैध निर्माणों पर आखिरकार विकास प्राधिकरण ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सोमवार को अवैध निर्माण के चिह्नांकन के साथ 25 होटलों-भवनों पर लाल निशान लगाए गए। इन भवन स्वामियों को अब चिह्नित अवैध निर्माण खुद तोड़ने की मोहलत दी जाएगी। इसके बाद वीडीए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर देगा। लाल निशान लगाए जाने के साथ ही डूब क्षेत्र के अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया है।
वरुणा के डूब क्षेत्र में सर्वे और सीमांकन के बाद 762 अवैध निर्माण चिह्नित कर उन्हें पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है। अवैध निर्माणों में होटल, स्कूल, व्यावसायिक और आवासीय भवन शामिल हैं। कई स्थानों पर नदी में घुसकर तलहटी तक निर्माण करा लिए गए हैं।
अवैध निर्माणों पर कार्रवाई न करने के लिए स्थानीय स्तर से शासन तक दबाव बनाए जाने के बावजूद वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे के निर्देश पर सोमवार से लाल निशान लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। कैंटोनमेंट से आदिकेशव सरायमोहाना तक नदी के दोनों तरफ 50 मीटर के दायरे में आने वाले अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने के लिए पहले दिन 25 होटलों-भवनों पर लाल निशान लगाया गया। तहसीलदार अविनाश कुमार के नेतृत्व में वीडीए की टीम ने यह कार्रवाई की। पहले दिन शास्त्रीघाट, कैंटोनमेंट और घौसाबाद इलाके में होटलों, भवनों को चिह्नित किया गया। कुछ लोगों ने कोर्ट में भी मामला दाखिल कर रखा है। वीडीए के अधिकारियों के मुताबिक कार्रवाई जारी रखी जाएगी। छोटे-बड़े सभी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई होगी।