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Varanasi News: 17 हेक्टेयर में 19 किसानों ने की गेहूं की बोआई, 5.9 टन प्रति हेक्टेयर उत्पादन

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अंतरराष्ट्रीय धान अनुसंधान संस्थान (इरी) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय केंद्र (आइसार्क) की ओर से गेहूं की अगेती बुआई व हैप्पी सीडर/जीरो टिलेज तकनीक की सफलता पर प्रक्षेत्र दिवस मनाया गया। उत्तर प्रदेश सरकार व कृषि विज्ञान केंद्र देवरिया के सहयोग से पूर्वी यूपी में टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ाने के लिए गेहूं की अगेती खेती कराई गई। 19 किसानों ने 17 हेक्टेयर में नवंबर में गेहूं की अगेती बोआई कर ट्रायल कराया। इसमें कम खर्च में अधिक उत्पादन हुआ।
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केवीके के आयोजन में केंद्र अध्यक्ष डॉ. मांधाता सिंह ने समेकित पोषक तत्व प्रबंधन, इरी के डॉ. अजय पुंडी ने समेकित खरपतवार प्रबंधन एवं कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. कमलेश मीना ने सिंचाई प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। बताया कि इन खेतों में धान की सीधी बुवाई के बाद गेहूं की उन्नत किस्मों की बोआई की गई थी। इससे गेहूं की खेती में श्रम और समय की बचत के साथ ही उत्पादन भी अधिक मिला। फसल प्रदर्शन के आंकलन में गेहूं की उपज 5.9 टन प्रति हेक्टेयर रही। प्रगतिशील किसान मोहन पाठक ने बताया कि आईसार्क व केवीके के वैज्ञानिकों की निगरानी व सुझाव से गेहूं की फसल अच्छी रही। कम लागत में अच्छा उत्पादन हुआ। इस मौके पर जन्मेजय, संजय यादव, ऋषभ शर्मा, उदय सिंह, गंगेश पाठक, सुनील गोंड, अजय राय, विजेंद्र राय, सुदामा आदि मौजूद रहे।
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