वाराणसी/ नई दिल्ली। आतंकी हमले के बाद भी मुंबई रुकी नहीं थी। झुकी नहीं, सब काम पर गए अपनी-अपनी जिम्मदारी निभाई। इसी प्रकार वंदे भारत एक्सप्रेस अपनी गति और अपने समय से देश की सेवा में समर्पित की गई। आतंकवादी ताकतों को यही करारा जवाब है।
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को वंदे भारत ट्रेन में नई दिल्ली से वाराणसी के पहले सफर के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि न हमारे जवान कभी झुकेंगे न हमारी जनता...। यही हमारी ताकत है। मुंहतोड़ जवाब देने में देश सक्षम है। पुलवामा हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा, हमारे जवान तो और अधिक बल रखते हैं। शहीदों के परिजनों के साथ उनकी और पूरे देश की संवेदना है।
रेल मंत्री ने कहा कि ये वंदे भारत ट्रेन एक प्रकार से भारत की उभरती हुई शक्ति का प्रतीक है। दो साल पहले प्रधानमंत्री ने इच्छा जताई थी कि विदेशी डिजाइन के कोच बनाने के बजाय हम अपने देश में डिज़ाइन किए हुए कोच बनाएं। इसके बाद आईसीएफ ने 18 महीने में सेमी हाईस्पीड ट्रेन तैयार की। इसके लिए रात-दिन काम किया गया। अब यह ट्रेन देश की राजधानी नई दिल्ली और देश के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक शहर बनारस को जोड़ रही है। ट्रेन के सभी टिकट 11 बजे तक बुक हो गए थे। टी-18 की केवल वाराणसी-नई दिल्ली के बीच चलने वाली ट्रेन हीं नहीं बल्कि इस श्रेणी की सभी ट्रेनें वंदे भारत के नाम से जानी जाएंगी। उन्होंने मुंबई-सूरत, भोपाल-इंदौर, दिल्ली-ग्वालियर, अमृतसर-दिल्ली के बीच ट्रेन चलाने की इच्छा जाहिर की।
गोयल ने कहा कि मुंबई से अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन चलाने का कार्य निर्धारित समय से हो रहा है। दिसंबर 2023 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। बताया कि दो ब्लॉक सेक्शन के बीच एक से ज्यादा ट्रेनें चलाई जा सकें इसके लिए सिगनलिंग व्यवस्था को हाईटेक बनाया जा रहा है। इसके लिए तीन भारतीय कंपनियां काम कर रही हैं।