वाराणसी। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया से संबद्ध कॉलेजों में बीएड के 516 छात्र-छात्राओं का रिकार्ड ही नहीं है। काउंसलिंग करने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से इसकी रिपोर्ट आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे छात्रों को परीक्षा से रोक दिया है।
बीएड में दाखिले के लिए शासन ने इस बार लखनऊ विश्वविद्यालय को प्रवेश की जिम्मेदारी सौंपी थी। ऑनलाइन काउंसलिंग के बाद प्रवेश लिया गया। बुधवार को सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू होने पर 516 छात्र-छात्राओं को परीक्षा से रोक दिया गया है। ये ऐसे छात्र-छात्राएं हैं, जिनका लखनऊ विश्वविद्यालय के साथ ही जननायक विश्वविद्यालय में रिकार्ड नहीं है। कुलपति के संज्ञान में मामला आया तो विश्वविद्यालय के कुलसचिव ने लखनऊ विश्वविद्यालय से छात्र-छात्राओं की सूची मांगी थी।
विश्वविद्यालय से जो छात्रों की सीडी भेजी गई है, उसमें 1602 छात्र-छात्राओं का ही रिकार्ड दर्ज है, जबकि जननायक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 2118 छात्रों का पंजीकरण है। 26 दिसंबर से परीक्षा शुरू होने से पहले आनन-फानन में 25 दिसंबर को परीक्षा समिति की आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें लखनऊ विश्वविद्यालय से आए रिकार्ड के आधार पर 516 छात्र-छात्राओं की परीक्षा न कराने के साथ ही पूरे प्रकरण की जांच कराने का निर्णय लिया गया है।