वाराणसी। काशी से ब्रज की चौरासी कोस यात्रा का आयोजन किया जाएगा। गंगा स्नान के साथ चौरासी कोस ब्रज यात्रा की शुरुआत होगी। 12 सितंबर से 20 अक्टूबर तक निकलने वाली चौरासी कोस ब्रज यात्रा पूर्वांचल के इतिहास में पहली बार निकलेगी। देश-विदेश के साथ ही लगभग तीन हजार स्थानीय श्रद्धालु भी इस यात्रा में सहभागी बनेंगे। यह जानकारी षष्ठपीठाधीश्वर गोस्वामी श्याम मनोहर दास और गोस्वामी प्रियेंदु बाबा ने शनिवार को गोपाल मंदिर में प्रेसवार्ता के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि छह सितंबर को चौरासी कोस ब्रज यात्रा की शुरुआत गंगा स्नान के साथ होगी। सभी श्रद्धालु 10 सितंबर को मंदिर की परिक्रमा, केदार जी और सुदर्शन जी के पूजन के उपरांत शाम को इलाहाबाद के लिए रवाना होंगे। इलाहाबाद से सभी यात्री ट्रेन से वृंदावन के लिए रवाना होंगे। ब्रजयात्रा में ठाकुर जी के विविध मनोरथ श्री गिरिराज जी एवं यमुना जी के कुंड, बाल लीलाओं के दर्शन, सत्संग, प्रवचन, संकीर्तन, रासलीला, सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। यात्रा में पूर्वांचल के विभिन्न जिलों से एक हजार, देश के विभिन्न राज्यों से दो हजार और 30 एनआरआई भी शामिल होंगे। बताया कि चौरासी कोस व्रजयात्रा में सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ को भी शामिल होने का न्यौता दिया गया है।