भदोही। नकारात्मक जीवन शैली से बीमारियां फैल रही है। खुशी लोगों के जीवन से लुप्त हो गई है। सब कुछ होते हुए भी रात को नींद नहीं आती। हर कोई तनाव और अवसादग्रस्त है। इसका उपचार सीधे मन से हो सकता है, किसी दवा से नहीं। शुक्रवार को ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की शाखा परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता में ये बातें अध्यात्मिक उपदेशक पूनम बहन ने कहीं।
उन्होंने कहा कि सुख और शांति प्राप्त करने के लिए दवाओं की जरूरत नहीं है, ना धन की। ये दोनों चीजें मन से आ सकती हैं लेकिन इसके लिए सकारात्मक जीवन शैली अपनाकर अध्यात्म से जुड़ना होगा। कहा कि देश-विदेश में लाखों लोग आध्यात्म अपनाकर सकारात्मक जीवन जी रहे हैं। इसी संस्कार को आगे बढ़ाते हुए भदोही में शनिवार से 12 दिन का अलविदा तनाव शिविर शुरू किया जा रहा है। जीवन में मोबाइल सकारात्मक पहलू है या नकारात्मक के सवाल पर उन्होंने कहा कि कोई भी वस्तु का अत्यधिक इस्तेमाल होगा तो उसके परिणाम नकारात्मक होंगे। मोबाइल के साथ भी ऐसा ही है। भदोही शाखा प्रभारी, ब्रह्मकुमारी विजयलक्ष्मी ने बताया कि सुबह सात बजे सनबीम स्कूल में जिलाधिकारी विशाख जी शिविर का शुभारंभ करेंगे।