वाराणसी। गंगा सप्तमी पर अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा की ओर से संस्कृति विमर्श और सम्मान समारोह हुआ। शनिवार को पिपलानी कटरा स्थित आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा राष्ट्रविरोधी पार्टियां देश को कमजोर कर रही हैं। काशी में विश्वनाथ धाम का निर्माण काशी की सनातनी प्रतिष्ठा के अनुकूल है। उन्होंने भारत की धर्म प्राण जनता से राष्ट्रवादी पार्टियों के पक्ष में मतदान की अपील की। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार ने 12 प्रमुख लोगों के साथ अन्य लोगों को काशीरत्न सम्मान दिया।
सम्मानित होने वालों में काशी विद्वत परिषद के महामंत्री प्रो. शिवजी उपाध्याय, पद्म भूषण देवी प्रसाद द्विवेदी, प्रो. नागेंद्र पांडेय, प्रो. यदुनाथ दुबे, प्रो. ह्दय रंजन शर्मा, डॉ. राजेश्वर आचार्य, प्रो. चतुर्भुज तिवारी, डॉ. रजनीकांत, डॉ. रामनारायण द्विवेदी, बृजभूषण ओझा, राजाराम शुक्ल, हरि गोरिकर, मणि, डॉ. राजेंद्र तिवारी, डॉ. संतोष, डॉ. निदेश त्रिपाठी, डॉ. गीता शास्त्री शामिल रहे। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सनातनी परंपरा के साथ ब्राह्मण के वंशावली से जुड़ी पुस्तकें मंचासीन अतिथियों को दी गईं। कार्यक्रम का संचालन कर रहे स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि द्वादश ज्योर्तिलिंगों के स्थान पर इस प्रकार का कार्यक्रम होना है। इसकी शुरुआत गंगा सप्तमी पर पहले बाबा विश्वनाथ ज्योर्तिलिंग से की गई है। आने वाले दिनों में 11 और ज्योर्तिलिंगों वाले स्थानों पर कार्यक्रम होंगे। इस मौके पर काशी के संत समाज और दंडी सन्यासी मौजूद रहे।