गोपीगंज/लालानगर। पुलिस हिरासत में ऑटो चालक की मौत के मामले में लाइन हाजिर कोतवाल सुनील कुमार वर्मा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद उनके परिजन सोमवार को गोपीगंज कोतवाली के गेट पर धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि मामले की जांच के बिना हत्या का मुकदमा दर्ज करना ज्यादती है। करीब डेढ़ घंटे के धरना-प्रदर्शन के बाद डीआईजी के निष्पक्ष जांच कराने के आश्वासन पर लाइनहाजिर कोतवाल के परिजनों ने धरना समाप्त किया।
गोपीगंज थाना क्षेत्र के फूलबाग निवासी ऑटो चालक रामजी मिश्र की शुक्रवार को गोपीगंज थाने में पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने कोतवाल पर पिटाई करने का आरोप लगाया था। सड़क जाम कर धरना प्रदर्शन होने पर पुलिस अधीक्षक ने कोतवाल सुनील कुमार वर्मा को लाइन हाजिर कर दिया था। इसके बाद ब्राह्मण महासभा ने थाने के गेट पर धरना देकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की थी। मामले में रविवार की देर रात मृतक की बेटी की तहरीर पर लाइनहाजिर कोतवाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। इसके विरोध में सोमवार को लाइनहाजिर कोतवाल वर्मा ने वाट्सएप के जरिए पत्रकारों को दो से तीन बजे के बीच गोपीगंज थाने के गेट पर धरने पर बैठने की सूचना दी लेकिन वह नहीं पहुंचे। शाम पांच बजे के आसपास आरोपी लाइन हाजिर कोतवाली की पत्नी एकता वर्मा की अगुवाई में उनके परिजन कोतवाली पहुंचकर धरने पर बैठ गए। उनका कहना था कि बिना जांच के मुकदमा दर्ज करना गलत है। उप जिलाधिकारी अमृता सिंह के पहुंचने पर परिजनों ने मांग पत्र सौंपा। बाद में अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने परिजनों से पुलिस डीआईजी विंध्याचल मंडल पीयूष श्रीवास्तव से बात कराई। डीआईजी ने मामले की पूरी निष्पक्षता से जांच कराने का आश्वासन दिया तब धरना समाप्त हुआ। धरना देने वालों में अनिल कुमार वर्मा, सतीश कुमार वर्मा, संतोष कुमार वर्मा, धर्मेंद्र कुमार, मोना वर्मा, नंदलाल, आशा देवी, सोनी देवी, किरण, कंचन देवी आदि शामिल थीं।