वाराणसी। भारत-नेपाल मैत्री की निशानी ललिता घाट और पशुपति नाथ मंदिर को बचाने का मुद्दा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। ललिता घाट स्थित नेपाली मंदिर पर मंडरा रहे ध्वस्तीकरण के संकट को नेपाल सरकार ने गंभीरता से लिया है। नेपाली प्रधानमंत्री भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेपाल यात्रा के दौरान 11 मई को यह मुद्दा उनके सामने रखेंगे।
नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप ग्याली ने साउथ एशिया फाउंडेशन के सेक्रेट्री जनरल राहुल बरुआ और सैफ नेपाल प्रोजेक्ट के डायरेक्टर उर्षा श्रेष्ठ को यह भरोसा दिलाया है। विदेश मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन के साथ अमर उजाला में छपी खबर का प्रिंट आउट भी सौंपा गया। साउथ एशिया फाउंडेशन के सेक्रेट्री जनरल ने बातचीत के दौरान बताया कि मंदिर व घाट की जमीनी हकीकत जानने के लिए जल्द ही नेपाल का एक प्रतिनिधिमंडल बनारस आएगा।
बरुआ ने कहा कि विदेश मंत्री को बताया गया कि इस मंदिर के विशाल क्षेत्रफल के बड़े हिस्से पर कतिपय लोगों ने कब्जा कर रखा है, उस जमीन को मुक्त कराने का मुद्दा भी विदेश मंत्री के समक्ष शुक्रवार की दोपहर में रखा गया। विदेश मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन के साथ अमर उजाला में छपी खबर का प्रिंट आउट भी सौंपा गया।
विश्वनाथ मंदिर को को मिली एंबुलेंस
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर को इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड की ओर से एंबुलेंस दान में दी गई। शुक्रवार सीएसआर फंड के तहत सीजीएम सौमित्र पांडे ने मेयर मृदुला जायसवाल को एंबुलेंस की चाभी सौंपी। यह एंबुलेंस मंदिर आने वाली श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर को दान दी गई है। वहीं, हैदराबाद की रहने वाली रमा व कृष्णवेणी ने चार वाटर कूलर और दो फाउंडेशन कूलर दान में दिया। इस दौरान मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह मौजूद रहे।