वाराणसी। केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल परिवहन परियोजना को रफ्तार देने के लिए स्थानीय प्रशासन कछुआ सैंक्चुअरी को लेकर अपनी कवायद शुरू कर रहा है। जिलाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों से कछुआ सैंक्चुअरी के लिए सुरक्षित स्थान के लिए सुझाव मांगा है। इस सुझावों के आधार पर जिला प्रशासन केन्द्र सरकार को अपनी रिपोर्ट देगा। माना जा रहा है कि कछुआ सैंक्चुअरी को शिफ्ट किए बिना जल परिवहन संभव नहीं होगा। ऐसे में प्रशासन अब कछुआ सैंक्चुअरी को शिफ्ट करने को लेकर अपनी ओर से तैयारी में जुट रहा है।
जल परिवहन को शुरू कराने के लिए पिछले दिनों दिल्ली के प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई बैठक के बाद कछुआ सैंक्चुअरी को लेकर वन विभाग और प्रशासन गंभीर हैं। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय में डायरेक्टर जनरल के कछुआ सैंक्चुअरी के निरीक्षण के बाद अब जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने वन विभाग के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। इसमें कछुआ सैंक्चुअरी को शिफ्ट करने की कार्ययोजना और प्रस्ताव मांगा गया है।
वाराणसी के आसपास सैंक्चुअरी को शिफ्ट करने के संभावित क्षेत्र के सर्वे के भी निर्देश दिए हैं। वन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन पीएमओ को रिपोर्ट भेजेगा। दिल्ली में जल परिवहन को लेकर हुई बैठक में कछुआ सैंक्चुअरी को लेकर जल्द निर्णय को कहा गया था। डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने बताया कि कछुआ सैंक्चुअरी को लेकर वन विभाग से रिपोर्ट मांगी जा रही है। जल परिवहन शुरू कराने की बाधाओं को दूर करने के लिए कछुआ सैंक्चुअरी को लेकर निर्णय किया जाएगा। इसके लिए हम रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।