वाराणसी। बीएचयू बवाल के 15 नामजद आरोपियों और विवि के पीआरओ डॉ. राजेश सिंह को धमकाने का आरोपी शेखर सिंह न्यायालय में सरेंडर करने की फिराक में हैं। मगर, न्यायालय में इन दिनों अवकाश और जमानत मिलने में देरी होने की संभावना के चलते सभी आरोपी अज्ञात स्थान पर मोबाइल बंद कर छिपे हुए हैं।
आरोपियों की गिरफ्तारी में लगी छह टीमों के अनुसार सारे नामजद आरोपी अपने परिवार के लोगों के साथ ही करीबी दोस्तों से भी संपर्क नहीं कर रहे हैं। हालांकि पुलिस को उम्मीद है कि गिरफ्त में आए गुलाम सरवर की तरह अन्य आरोपी भी चूक करेंगे और गिरफ्तार किए जाएंगे।
बीते बुधवार को बीएचयू में छात्र आशुतोष सिंह की गिरफ्तारी के बाद जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की गई। मामले को लेकर 15 छात्रों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया। मगर, हफ्ता बीतने को आया और पुलिस किसी को भी गिरफ्तार नहीं कर सकी। इस बीच सीसीटीवी फुटेज की मदद से चिह्नित हुए गुलाम सरवर को रविवार की देर रात नगवां से गिरफ्तार किया गया लेकिन उससे मिली जानकारी के आधार पर अन्य किसी को नहीं पकड़ा जा सका। वहीं, डॉ. राजेश सिंह को धमकी देने वाले शेखर सिंह के बारे में भी पुलिस के हाथ कोई ठोस जानकारी नहीं लगी।
इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि शेखर के कोतवाली, सुसुवाही और आजमगढ़ जिला स्थित ठिकानों पर छापेमारी की गई लेकिन वह फरार है। बवाल के आरोपी छात्र भी अपने परिवारीजनों, रिश्तेदारों और दोस्तों के संपर्क में भी नहीं हैं। सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से सभी की टोह ली जा रही है।