वाराणसी। रिंग रोड से प्रभावित किसानों का तकरीबन 49 करोड़ रुपये मुआवजा अब तक उन्हें नहीं मिल पाया है। एनएचएआई को भूमि अधिग्रहण के बदले किसानाें को 459 करोड़ रुपये देने थे लेकिन अब तक मुआवजे की पूरी राशि किसानों तक नहीं पहुंची है। इसे लेकर किसान नाराज हैं और उन्होंने पिछले दिनों प्रदर्शन कर काम भी रुकवाया था। मुआवजे का जल्द भुगतान न होने पर उन्होंने आंदोलन की भी चेतावनी दी है। उधर, एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि 409 करोड़ रुपये मुआवजा वितरित किया जा चुका है। बाकी रकम का भी जल्द हो जाएगा।
कछवा से कपसेठी, हरहुआ, संदहा से गंगापार अलीनगर (चंदौली) तक 59 किमी लंबी रिंग रोड बनाई जानी है। पहले फेज में संदहा से हरहुआ तक 16 किलोमीटर सड़क बनाई जा रही है। एनएचएआई के अधिकारियों के मुताबिक अब तक 70 प्रतिशत से अधिक काम हो गया है। बाकी बचे काम को भी समय से पूरा करा लिया जाएगा। पहले फेज में संदहा से हरहुआ तक रिंगरोड बनाई जा रही है, इस पर कुल 261 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके बाद रिंग रोड के दूसरे फेज का काम शुरू कराया जाएगा। इसके तहत 43 किमी रिंगरोड का निर्माण होना है। चंदौली और वाराणसी के बीच गंगा में एक पक्के पुल का निर्माण भी कराया जाएगा। वाराणसी से आजमगढ़, जौनपुर और गोरखपुर हाईवे पर फ्लाईओवर भी बनेंगे।