तालाब भीटे की भूमि को प्रशासन कराएं मुक्त :कोर्ट
कलिका बाजार में 15 बीघे तालाब और भीटे की भूमि पर हुआ था फर्जीबाड़ा
अमर उजाला इम्पैक्ट
सेवापुरी। कपसेठी थाना क्षेत्र के कलिका बाजार में तालाब और भीटे की लगभग 15 बीघे भूमि पर भूमाफिया ने राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी कर खतौनी पर अपना नाम दर्ज करवाने के मामले को कोर्ट ने संज्ञान लिया है। कोर्ट ने चार माह के अंदर तालाब और भीटे की जमीन को मुक्त कराने का आदेश दिया है। 21 सितंबर 2017 को अमर उजाला में खबर प्रमुखता से छापा गया था। जांच में फर्जीबाड़े का खुलासा भी हुआ था।
हरिभानपुर गांव निवासी बालमुकुंद सिंह ने अमर उजाला की खबरों व राजस्व अभिलेख के कागजातों के आधार पर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर तालाब और भीटे की भूमि को कब्जा मुक्त कराने की मांग की थी। जिस पर कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को फटकार लगाते हुए जवाब तलब किया था। राजातालाब के तहसीलदार ओम प्रकाश श्रीवास्तव ने सरकारी अधिवक्ता के जरिए कोर्ट को अवगत कराया कि कलिका बाजार में लगभग 15 बीघे तालाब और भीटे की भूमि पर फर्जी तरीके से राजस्व अभिलेख में लोगों ने अपना नामांतरण करवा लिया है। इसका खुलासा जांच में हो चुका है। इस मामले में उच्च न्यायालय की कोर्ट संख्या 5 के एकल खंड पीठ न्यायाधीश पंकज नकवी ने चार माह के अंदर तालाब और भीटे के मामले में कार्रवाई करते हुए उसे मुक्त कराने का आदेश दिया है। दायर जनहित याचिका पर उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अग्निहोत्री त्रिपाठी ने पैरवी की। तालाब और भीटा भदोही वाया बाबतपुर एयरपोर्ट मार्ग के मध्य स्थित कलिका बाजार में स्थित है। जिसकी अनुमानित कीमत 30 करोड़ रुपये है।
तहसीलदार राजातालाब, ओम प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में कलिका बाजार स्थित लगभग 15 बीघे तालाब और भीटे की भूमि को मुक्त कराने की कार्यवाई शुरू कर दी गई है।