ज्ञानपुर। वित्तीय वर्ष में सरकारी धन को लैप्स से बचाने के लिए सरकारी महकमे में कार्ययोजनाओं को पूर्ण कराने की मुहिम अभी से तेज हो गई है। पेंशन के बजट को खपाने में समाज कल्याण विभाग आगे है लेकिन शुल्क प्रतिपूर्ति अब तक लटका हुआ है। माना जा रहा है कि फरवरी के अंत तक वजीफे की रकम छात्रों के खातो में पहुंचेगी।
प्रत्येक विता्तीय वर्ष में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल समेत अन्य कई जनहित की योजनाओं को पूर्ण कराने के लिए शासन से बजट आवंटित किया जाता है। विभागों के लचर रवैये के चलते प्रत्येक साल कई विभाग का पैसा पूरा खर्च नहीं हो पाता। जिससे वित्तीय वर्ष में वह लैप्स हो जाता है। जिले में भी कमोबेश कई विभागों की स्थिति ऐसी ही है। आठ से 10 महीनों में वह बजट का कुछ हिस्सा ही खर्च कर पाते हैं। साल के अंत में आनन-फानन में बचा धन खर्च करने की कोशिश करते हैं। विकास भवन में स्थित समाज कल्याण विभाग भी कई योजनाओं का धन तो खर्च कर चुका लेकिन कई योजनाओं की धनराशि अब तक नहीं खर्च कर पाया। आंकड़ो पर गौर किया जाए तो विभाग ने वृद्धा पेंशन में आठ करोड़ 49 लाख रुपए खर्च कर दिया हालांकि सामूहिक शादी विवाह योजना का एक करोड़ 67 लाख, शुल्क प्रतिपूर्ति का करीब 22 करोड़ से अधिक धन खर्च नहीं हो सका। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, स्नातक और तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर रहे 65 हजार छात्र-छात्राओं के आवेदन सत्यापित न होने से उनको मिलने वाली वजीफे की रकम नहीं भेजी जा सकी। जिला समाज कल्याण अधिकारी आरके सिंह ने कहा कि कई महाविद्यालयों की ओर से सत्यापन पूर्ण कर अभिलेख नहीं भेजा गया है। 90 फीसदी स्कूलों से अभिलेख आ चुका है। उन्होंने कहा कि फरवरी के दूसरे पखवार तक शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि छात्र-छात्राओं के खाते में पहुंच जाएगी।