वाराणसी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, राजीव कमल पांडेय की अदालत ने नाबालिग किशोरी के अपहरण व पॉक्सो एक्ट के मामले में आरोपी चौबेपुर के हरिहरपुर निवासी अभियुक्त सभाजीत यादव को दस वर्ष के कठोर कारावास व 35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन की एडीजीसी वंदना श्रीवास्तव व वादी के अधिवक्ता अरुण कुमार सिंह के अनुसार चौबेपुर के हरिहरपुर गांव निवासी वादी ने 12 जून 2014 को चौबेपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 8 जून 2014 को सुबह चार बजे उसकी 17 वर्षीय पुत्री शौच के लिए घर से निकली थी। उसके बाद वापस घर नही लौटी। जब परिजनों ने खोजबीन शुरू की तो पता चला कि गांव का ही सभाजीत यादव उसकी पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथी रामाश्रय यादव के साथ बाइक से वाराणसी की ओर ले गए हैं। वहां पहुंचने पर उनकी बाइक रोडवेज बस स्टैंड पर खड़ी थी और वह लोग वहां से गायब थे। घटना के कुछ दिनों बाद अभियुक्त उसे मुंबई से लाकर उसके घर के पास छोड़कर भाग गया। जिसके बाद पुलिस ने अभियुक्त सभाजीत यादव के खिलाफ अपहरण, दुराचार व पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।