फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फिर जमीन का अधिग्रहण कर दें मुआवजा

विज्ञापन
विज्ञापन
डोभी। राष्ट्रीय राज मार्ग 233 के निर्माण में अधिग्रहित होने वाले भूमि से संबंधित केराकत तहसील के बीस गांव के किसानों की बैठक मंगलवार को खुज्झी में किसान संकठा सिंह की अध्यक्षता में हुई। जिसमें किसानों ने भूमि अधिग्रहण अधिसूचना का समय समाप्त हो जाने से अधिग्रहित भूमि का उपयोग करने का निर्णय लिया गया। साथ ही भूमि का अधिग्रहण फिर से कर मुआवजा देने की मांग की गई।
विज्ञापन

किसानों ने कहा कि भू-अधिग्रहण कानून के मुताबिक पांच साल बीत जाने बाद अधिसूचना स्वयं समाप्त हो जाती हैं। राष्ट्रीय राज्य मार्ग को फोर लेन बनाने के लिए अधिसूचना अधिग्रहण 18 मई 2012 को हुई थी। इसके बाद लगभग 20 गांवों के किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई थी। कम मुआवजा देने का कार्य किया जा रहा था। जिसको किसानों ने लेने से इंकार करते हुएं विरोध करना शुरु किया। लेकिन किसानों को मानक के अनुसार मुआवजा नहीं दिया गया। भू-अधिग्रहण अधिसूचना का समय भी समाप्त हो गया है। जिससे अब किसान अपने भूमि का प्रयोग अपने सुविधानुसार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए भूमि चाहिए तो सरकार को भू-अधिग्रहण कानून के मूताबिक फिर से भूमि अधिग्रहण करनी होगी। साथ ही नए सिर से किसानों को मुआवजा देनी होगी। बैठक का संचालन उमा शंकर सिंह ने किया। इस अवसर पर राजेंद्र प्रसाद सिंह, शिव शंकर यादव, रामेश्वर सिंह, अरविंद पांडेय, इन्द्रजीत सिंह, राजू, अरविन्द सिंह, राम सहाय, काशी यादव उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें