वाराणसी। जेलों से संचालित अपराध पर नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री ने दूसरे जिले के डीएम और एसपी से निरीक्षण का आदेश दिया है। उन्होंने मंडलायुक्त को टीम गठित कर जेलों में औचक निरीक्षण करने और निगरानी रखने को कहा है। सीएम ने कहा, जेल सुधार गृह बन सकते, लेकिन अपराध संचालन का केंद्र नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से जेलों का नियमित एवं और औचक निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने कहा, पुलिस की छवि बदलने पर काम किया जाए, ताकि अपराधियों में डर हो। जनता की समस्याओं पर लापरवाह और पूर्वाग्रह से ग्रस्त थानेदारों को तैनात नहीं किया जाए। एसएसपी प्रतिदिन थाने का निरीक्षण करें और वहां की गतिविधियों पर नजर रखें।
कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा, प्रत्येक थानों में 30 कांस्टेबल अतिरिक्त दिए गए हैं। इन मैन पावर का सदुपयोग करें और अपराध का दुस्साहस करने वाले को गिरफ्तार करें। थानों पर जनता को समस्याओं के समाधान में परेशानी नहीं हो। नकाबपोश बाइकर्स के खिलाफ रोजाना अभियान चलाएं। थानावार टॉपटेन अपराधियों की सूची बनाकर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा, काशी लघु भारत है और यहां पर दुनियाभर से लोग आते हैं। किसी की भी आशा एवं उम्मीद आहत नहीं होनी चाहिए। सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण को चिन्हित कर मुक्त कराया जाए।
मल्टीलेवल पार्किंग से जाम से निजात
यातायात व्यवस्था की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने काशी के लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए मल्टीलेवल पार्किंग स्थलों पूरा कराने का निर्देश दिया। सड़कों पर लोक निर्माण विभाग व्यवस्थित स्पीड ब्रेकर बनाने को कहा।
बैठक में ये रहे शामिल
बैठक में राज्यमंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी, सांसद मछली शहर बीपी सरोज, एमएलसी केदारनाथ सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, रविंद्र जायसवाल, सुरेंद्र नारायण सिंह, डॉ अवधेश सिंह, सुशील सिंह, कमिश्नर दीपक अग्रवाल, आईजी विजय सिंह मीणा, जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आनंद कुलकर्णी, सीडीओ गौरांग राठी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।