वाराणसी। जिले की सरकारी एंबुलेंस सेवा अब और आधुनिक हो गई। सभी एंबुलेंस को नए मोबाइल ऐप सिस्टम में अपडेट कर दिया गया है। यदि आपातकालीन समय में नजदीकी एंबुलेंस व्यस्त है तो चालक अंगूठे के इशारे से ही दूसरी एंबुलेंस के चालक को सूचना फारवर्ड कर देगा। इससे एंबुलेंस 10 से 12 मिनट में मरीज तक पहुंच जाएगी। जबकि पहले 17 मिनट में एंबुलेंस पहुंचती थी। इसके साथ ही इन एंबुलेंस में बायोमेट्रिक डिवाइस भी लगाया जाएगा। इसमें चालकों को उपस्थित दर्ज करनी होगी। यह जानकारी प्रोग्राम मैनेजर दीपक श्रीवास्तव ने दी। वह शुक्रवार को नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शिवपुर में 108 और 102 एंबुलेंस सेवा के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि एंबुलेंस सेवा को जीपीएस के जरिए ऐप के माध्यम से जोड़ा गया है। इसका प्रशिक्षण सभी पैरा मेडिकल स्टाफ समेत चालकों को दिया जा रहा है। यह एक सेंट्रलाइज व्यवस्था के तहत कार्य करेगा और नजदीकी एंबुलेंस के व्यस्त होने पर दूसरी एंबुलेंस को तुरंत सूचित कर दिया जाएगा। हादसा होने पर अभी तक 17 मिनट में एंबुलेंस पहुंचती है लेकिन अब सूचना के बाद 10 से 12 मिनट में पहुंचेगी। रिस्पांस टाइम को बेहतर करने के लिए सभी एंबुलेंस को नए मोबाइल ऐप सिस्टम में अपडेट किया गया है। जिले में 102 एंबुलेंस 37 और 108 एंबुलेंस 19 हैं। इसके साथ ही तीन एडवांस लाइफ सपोर्ट को भी इस नए ऐप से जोड़ा गया है। एंबुलेंस में ईएमटी, मेडिकल टेकिभनशियन और एक चालक तैनात रहेंगे। इस अवसर पर एंबुलेंस सेवा के जिला समन्वयक विजय चौहान, अवनीश त्रिपाठी, विजित श्रीवास्तव, प्रशांत मिश्रा रहे।