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कबीरा खड़ा बाजार में मांगे सबकी खैर

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वाराणसी। कबीर की मूलगादी कबीरचौरा मठ में जैसे ही कबीर के पदों पर भाव नृत्य शुरू हुआ पूरा परिसर कबीरमय हो गया। कलाकार प्रशस्ती तिवारी ने नृत्य के माध्यम से कबीर के पदों को प्रस्तुत किया तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
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कबीर के तीन दिवसीय प्राकट्य महोत्सव के समापन के अवसर पर सबसे पहली प्रस्तुति काशी सुर धरोहर संस्था द्वारा संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें गायन, वादन के साथ ही नृत्य की भी प्रस्तुति हुई। ताना बाना ग्रुप ने कबीर के भजनों को प्रस्तुत कर मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद कलाकार अर्चना माहेश्कर ने राग पूरियाधनारी में छोटा ख्याल, सुमिरन करो मन... सुनाकर सभी को भक्ति रस में घोल दिया। जबकि कलाकार नीरज मिश्र और उनके सहयोगियों ने फ्यूजन संगीत की धुन को मंच पर साकार किया।
अगले कार्यक्रम में प्रशस्ती तिवारी ने साहेब बंदगी, कबीरा खड़ा बाजार में सहित कई पदों पर अपनी प्रस्तुति दी। इस अवसर पर मठ के महंत विवेक दास ने कहा संगीत के माध्यम से हम कबीर को याद कर रहे हैं। अगले साल यहां विश्वसंगीत समारोह का आयोजन होगा, जिसमें देश विदेश से कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। समारोह में पुरातत्व विभाग के नीरज कुमार, केंद्रीय कारागार के अमृत कौर सहित कई लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरीश दास और धन्यवाद डॉ. भगीरथ ने दिया।
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जन-जन तक पहुंचेगी कबीर की जीवन गाथा
कबीर के जीवन से लोगों को रूबरू कराने के लिए लाइट शो शुरू होने जा रहा है। इससे आसमान में ही प्रकाश के माध्यम से कबीर की जीवन गाथा दिखेगी। कबीरचौरा मठ में इटली की लाइट से स्मारक चमकेगा। इसके साथ ही कबीर दास के विचारों और उनके ज्ञान, दर्शन को जन जन तक पहुंचाने के लिए एक भव्य स्मारक बनवाया जा रहा है। लाइट शो रोज शाम सात से दस के बीच चलेगा। अन्य भी व्यवस्थाएं की जा रही है। उन्होंने बताया कि 17 एकड़ का यह पवित्र ऐतिहासिक परिसर अब तक उपेक्षित रहा है, लेकिन सरकार ने पुनरुद्धार के लिए 17 करोड़ 22 लाख रुपये की एक परियोजना बनाई, जिसे सरकार ने मंजूरी दे दी। इसमें से आठ करोड़ रुपये जारी भी हो चुके हैं। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किए जाएंगे।
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