वाराणसी। नक्खीघाट पुल के समीप सोमवार को शराब कारोबारी महेश जायसवाल के ममेरे भाई आर्यन के आंख में लाल मिर्च पाउडर झोंक कर छह लाख रुपये लूटने की घटना का तीन घंटे में पुलिस ने पटाक्षेप कर दिया। पुलिस के अनुसार आईपीएल के सट्टे और फुफेरे भाई का कर्ज चुकाने के लिए आर्यन ने लूट की झूठी कहानी रची थी। आर्यन ने छह लाख रुपये अपने दोस्त मनीष को दे दिए हैं। महेश जायसवाल की तहरीर पर जैतपुरा थाने में आर्यन और मनीष के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। आर्यन पुलिस हिरासत में है और उसके दोस्त मनीष की तलाश पुलिस की चार टीमें कर रही हैं।
आर्यन ने वारदात की सूचना सौ नंबर पर 11:30 बजे के लगभग दी थी। सूचना पाकर पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के दुकानदारों से पूछताछ की और सड़क किनारे लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली तो मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। इस पर आर्यन का मेडिकल मुआयना कराया गया। मेडिकल में आर्यन के चेहरे और कपड़े पर लाल मिर्च पाउडर के अंश भी नहीं मिले। इसके बाद आर्यन से तीन घंटे तक पूछताछ की गई तो वह टूट गया। करीब तीन बजे उसने बताया कि रुपये उसके पहड़िया निवासी दोस्त मनीष के पास हैं। आईपीएल की सट्टेबाजी और फुफेरे भाई का कर्ज उतारने के लिए उसने लूट की झूठी सूचना दी थी। पुलिस ने आर्यन के दोस्त के घर पर छापेमारी की तो वह रुपये के साथ गायब था, लेकिन झोला वहीं से बरामद हो गया। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि घटनास्थल का मुआयना किया गया। आर्यन के बताए गए रूट के सीसी कैमरों की फुटेज खंगाली गई लेकिन घटना की पुष्टि नहीं हुई। पूछताछ में आर्यन ने स्वीकारा है कि रुपये उसके दोस्त के पास हैं। जल्द ही रुपये बरामद कर लिए जाएंगे।
यह गढ़ी कहानी
पहड़िया क्षेत्र की शंकरपुरम कॉलोनी के रहने वाले आर्यन जायसवाल के अनुसार, वह महेश की फर्म का काम डेढ़ साल से देखता है। उसे छह लाख रुपये बैक में जमा करने के लिए महेश ने दिए थे। वह बाइक से चौकाघाट होते हुए पहड़िया की ओर जा रहा था। नक्खीघाट पुल के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने उसे ओवरटेेक कर रोका और आंखों में लाल मिर्च पाउडर झोंक कर रुपये से भरा झोला छीन लिया। इसके बाद वह सारनाथ की ओर भाग निकले। आंख धोकर वह सामान्य हुआ तो सौ नंबर पर कॉल की। सूचना पाकर मौके पर क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह, जैतपुरा इंस्पेक्टर शशिभूषण राय और एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह के साथ एसएसपी पहुंचे और जांच शुरू की।
जो घटनास्थल बताया गया, वहां पंचर और चाय-पान की दुकानें हैं। दुकानदारों ने पुलिस को बताया कि आर्यन काफी देर से वहां खड़ा था। लूट जैसी कोई घटना उन्होंने नहीं देखी और न किसी का शोर सुना। यहीं से पुलिस को आर्यन पर शक हुआ। इसके बाद आने-जाने के मार्ग की जानकारी लेकर पुलिस ने सीसी कैमरों को खंगालना शुरू किया तो पता चला कि सारंग तालाब तक आर्यन की पीठ पर झोला था और इसके बाद झोले का पता नहीं लगा।