वाराणसी। नकली शराब, सीमेंट और मिलावटी दूध के बाद अब रोजमर्रा के जीवन में उपयोग में आने वाले वस्तुओं की एक्सपायरी डेट बदल कर खपाए जाने का मामला उजागर हुआ है। इससे यह साफ हो गया है कि बनारस नकली और मिलावटी वस्तुओं के निर्माण का केंद्र बनता जा रहा है। इस माल की शहर ही नहीं, बल्कि पूर्वांचल के अन्य जिलों में भी आपूर्ति की जा रही है। इन हालात में बाजार में कोई भी वस्तु खरीदते समय उपभोक्ताओं को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
बीती फरवरी में क्राइम ब्रांच ने बड़ागांव थाना अंतर्गत बसनी में छापेमारी कर अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। इसके बाद मार्च में लंका पुलिस ने नुआव क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध सीमेंट फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। मई में रोहनिया थाना अंतर्गत जगतपुर स्थित डेयरी में डिटर्जेंट पाउडर मिला कर दूध बनाए जाने का खुलासा खाद्य सुरक्षा विभाग ने किया। अभी यह प्रकरण शांत नहीं हुआ था कि शनिवार को ककरमत्ता उत्तरी गांव में पुलिस ने छापेमारी कर ब्रांडेड कंपनियोें की वस्तुओं की एक्सपायरी डेट बदल कर बाजार में बेचे जाने का मामले का खुलासा किया। पुलिस ने लगभग दो करोड़ रुपये का सामान भी जब्त किया। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ऐसे प्रकरणों को लेकर गंभीरता बरत रही है। आमजन से अपील है कि वे भी सतर्कता बरतें। यदि उन्हें नकली सामान बनाने वाली की फैक्ट्रियों की सूचना मिले तो पुलिस को बताएं। सूचना देने वाले का नाम और पता गुप्त रखा जाएगा।