वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शहर आगमन और दर्शन-पूजन के मद्देनजर सोमवार को पुलिस लाइन से काशी विश्वनाथ मंदिर मार्ग की बहुमंजिला इमारतों पर रूफ टॉप फोर्स तैनात रहेगी। एसपीजी के अभेद्य सुरक्षा घेरे में रहने वाले प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में एनएसजी व एटीएस कमांडो के अलावा केंद्रीय खुफिया इकाइयों के अधिकारी और 15 आईपीएस की निगरानी में 10 हजार से ज्यादा पुलिस, पीएसी व सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात रहेंगे।
रविवार को शहर में नई दिल्ली से आए केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के 50 से ज्यादा अधिकारियों ने डेरा डाल दिया है। शाम के समय पुलिस ने सभी सार्वजनिक स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया।
सुबह बाबतपुर एयरपोर्ट और पुलिस लाइन हेलीपैड पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ एडवांस सिक्योरिटी लायजनिंग (एएसएल) बैठक करने के बाद एसपीजी के अधिकारियों का दल काशी विश्वनाथ मंदिर गया। करीब आधे घंटे तक मंदिर की ओर आने-जाने वाले रूट और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि प्रधानमंत्री के दर्शन-पूजन के कारण आम श्रद्धालुओं को असुविधा नहीं होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात होने वाले पुलिस, पीएसी और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवानोें को रविवार को पुलिस लाइन में ड्यूटी बताई गई। एडीजी जोन पीवी रामाशास्त्री ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवानों की नजर आमजन की गतिविधियों पर रहे। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने कहा कि वीवीआईपी की रवानगी के बाद यातायात व्यवस्था सामान्य होने तक सुरक्षा व्यवस्था में तैनात जवान ड्यूटी प्वाइंट नहीं छोड़ेंगे। फोर्स की ब्रीफिंग के बाद पुलिस लाइन से बाबतपुर एयरपोर्ट होते हुए काशी विश्वनाथ मंदिर तक डमी फ्लीट का ग्रैंड रिहर्सल किया गया।