वाराणसी। नगर निगम में चल रहे कार्यों में अनियमितता और लापरवाही बरतने पर दो ठेकेदारों का ठेका व लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। अनुबंध निरस्त करने के साथ ही ठेकेदार की जमानत राशि भी जब्त कर ली गई है। नगर आयुक्त ने रविवार को कार्रवाई के साथ सभी कार्यों का टेंडर ठेकेदारों के खर्चे पर कराए जाने का आदेश दिया। ठेकेदारों ने काम को अधूरा छोड़ने के साथ ही कुछ काम को शुरू ही नहीं किया था।
रविवार को नगर आयुक्त आशुतोष कुमार द्विवेदी ने 2017-18 की अवस्थापना निधि के स्वीकृत पांच कार्यों से संबंधित ठेकेदार मे. विकेश एंड एसोसिएट्स का अनुबंध निरस्त करते हुए जमानत राशि जब्त करने का आदेश दिया। नगर निगम में ठेकेदार का पंजीकरण निरस्त करते हुए ठेकेदार के ही खर्चे पर पांच कार्यों की निविदा कराने का आदेश मुख्य अभियंता को दिया है। इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2018-19 में अवस्थापना निधि के स्वीकृत कार्यों में से मे. पूर्वांचल इंटरप्राइजेज लिमिटेड के कार्य का अनुबंध निरस्त करते हुए उसकी जमानत राशि जब्त कर ली गई है। ठेकेदार के निगम में हुए पंजीकरण को एक साल के लिए निरस्त कर दिया गया है।
अवस्थापना निधि के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में से विकेश एंड एसोसिएट्स के पक्ष में तरना के भरलाई में मार्ग सुधार, वरुणा विहार कॉलोनी में सड़क सुधार एवं नाली का काम, हटिया गांव को जाने वाले मार्ग का सुधार, वार्ड नंबर 20 में टैगोर टाउन कॉलोनी में सड़क सुधार एवं नाली कार्य तथा सेंट्रल जेल रोड से इमिलिया घाट को जाने वाले मार्ग का सुधार व निर्माण की स्वीकृति 12 मई 2017 को प्रदान की गई थी। परंतु ठेकेदार ने दो काम अधूरा छोड़ दिया और बाकी तीन काम शुरू ही नहीं किए। वहीं पूर्वांचल इंटरप्र्राइजेज लिमिटेड को रवींद्रपुरी एक्सटेंशन में मार्ग सुधार, पटरी व नाली निर्माण का ठेका 17 जनवरी 2019 को दिया गया और इसको तीन महीने में पूरा करना था लेकिन अभी तक ठेकेदार ने काम ही नहीं शुरू किया है।