वाराणसी। उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग के सदस्य प्रो. हरिवंश दीक्षित ने कहा कि स्टिंग आपरेशन लोकहित में हो। इसमें मीडिया का व्यक्तिगत हित शामिल नहीं होना चाहिए। उनका मानना था कि स्टिंग आपरेशन से लोगों की निजता का अधिकार भंग हो रहा है। इस पर नए सिरे से कानून बनाने की जरूरत है। उन्होंने ये यह बातें बीएचयू विधि संकाय में शुक्रवार को ‘भारत में मीडिया नियामक ढांचा : मुद्दे और चुनौतियां’ विषयक संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि कहीं
विशिष्ट अतिथि राजभवन के विधिक सलाहकार प्रो. एसएस उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान समय में सूचना एक संसाधन भी है और साध्य भी। उन्होंने कहा कि स्टिंग आपरेशन को कहां तक स्वीकार करना चाहिए, ये हम ब्रिटेन और अमेरिका से सीख सकते हैं। उन्होंने कहा कि चौथा स्तंभ लोक विश्वास से बना है, इसके दायित्व की चर्चा होनी चाहिए। अध्यक्षता करते हुए काशी विद्यापीठ के हिंदी पत्रकारिता संस्थान के निदेशक प्रो. ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि समाज की नीतियों से पूरे मीडिया का संचालन होता है। स्वागत संकायाध्यक्ष प्रो. आरपी राय ने किया। विषय प्रवर्तन प्रो. जेपी राय ने किया। संचालन डॉ. अंजलि अग्रवाल व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आदेश कुमार ने किया। संगोष्ठी में प्रो. एमसी विजावत, एसके वर्मा, प्रो. डीके शर्मा, प्रो. अली मेहंदी, प्रो. विभा त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।