वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्रसंघ का चुनाव प्रचार शुक्रवार की शाम थम गया। इससे पहले पूरे दिन प्रत्याशियों और उनके समर्थकों ने अपनी ताकत झोंके रखी। दिन भर कैंपस में जुलूस निकाले गए और नारेबाजी होती रही। प्रचार के दौरान दो छात्र संगठनों में झड़प भी हुई लेकिन पुलिस ने मामला शांत करा दिया। शाम पांच बजे परिसर में चुनाव प्रचार थम गया। इसके बाद प्रत्याशी और समर्थक डोर-टू-डोर जनसंपर्क में जुट गए। परिसर में शनिवार को पठन-पाठन स्थगित रहेगा।
काशी विद्यापीठ में छात्रसंघ चुनाव 14 अक्तूबर को होना है। ऐसे में मतदान से 36 घंटे पूर्व शुक्रवार की शाम प्रचार रोक दिया गया। इससे पहले अंतिम दिन होने की वजह से कैंपस में जबरदस्त गहमागहमी रही। अलग-अलग छात्रसंगठनों ने जमकर प्रचार प्रसार किया। इस दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् और समाजवादी छात्रसभा के समर्थक आपस में भिड़ गए। मामला बढ़ता इससे पहले चीफ प्राक्टर प्रो. शंभु उपाध्याय और कैंपस में मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीच बचाव कर उन्हें शांत कराया। उधर, पुलिस प्रशासन की ओर से सभी प्रत्याशियों को शुक्रवार की सुबह पांच बजे तक बैनर और पोस्टर हटाने के निर्देश दिए गए थे लेकिन शाम तक बैनर-पोस्टर नहीं हटाए गए थे। उधर, शुक्रवार को मतदान कर्मियों को ट्रेनिंग भी दी गई। पंत प्रशासनिक भवन में चुनाव अधिकारी प्रो. मुन्नीलाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिये उन्हें पोलिंग की प्रक्रिया बताई गई।