ज्ञानपुर। ‘नौ दिन चलै अढ़ाई कोस’ यह कहावत जिले में शौचालयों के निर्माण कार्य पर सटीक बैठ रही है। प्रशासन की लापरवाही के चलते भदोही जिले को 31 मार्च तक खुले में शौचमुक्त बनाने की शासन की मंशा पूरी होती नहीं दिख रही। एक वर्ष में 1.30 लाख के सापेक्ष सिर्फ 60 हजार शौचालय ही बन पाए हैं। जिले के 1091 राजस्व गांवों में अब तक 491 ही ओडीएफ हो सके हैं। अब पांच दिन में 72 हजार शौचालयों का निर्माण कराकर 600 गांवों को ओडीएफ बनाना मुश्किल ही दिख रहा है।
वर्ष 2014 में केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। इसके तहत घर-घर टॉयलेट का निर्माण करा कर जिलों को खुले में शौचमुक्त बनाने का अभियान चल रहा है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में भदोही जिले को 31 तक ओडीएफ बनाने के लिए 1.33 लाख शौचालय निर्माण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। एक साल खत्म होने को है लेकिन अब तक सिर्फ 60 हजार ही शौचालय बन पाए हैं। विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले के 1091 राजस्व गांवों में सिर्फ 491 गांव ओडीएफ हो सके हैं। ऐसे में निर्धारित अवधि बीतने में सिर्फ पांच दिन बचे हैं। इतने कम समय में 72 हजार शौचालयों का निर्माण करा कर 600 गांवों को ओडीएफ बनाना नामुमकिन लग रहा है। जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल त्रिपाठी का कहना है बालू, गिट्टी आदि निर्माण सामग्री की किल्लत के कारण शौचालयों का काम बहुत धीमी गति से हुआ। ऐसे में 31 मार्च तक तो नहीं, हां मई-जून तक जिले को ओडीएफ कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि नमामि गंगे के तहत गंगा किनारे के 47 गांवों में 42 हजार शौचालय बनाए गए हैं। 81,204 शौचालयों के लिए पैसा भेजा जा चुका है।