ब्लाक प्रमुख अर्चना मौर्य ने दिया त्याग पत्र
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा से पहले छोड़ा पद, हरहुआ ब्लाक पर रही चहल-पहल
अध्यक्ष जिला पंचायत एवं जिलाधिकारी को भेजा त्याग पत्र
136 सदस्य में से 110 बीडीसी अर्चना मौर्या के खिलाफ थे
अमर उजाला ब्यूरो
हरहुआ। पिछले करीब तीन महीने से हरहुआ ब्लाक प्रमुख को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर सोमवार को विराम लग गया। हरहुआ ब्लाक प्रमुख अर्चना मौर्य ने सोमवार को अविश्वास पर चर्चा से पूर्व ही त्यागपत्र पत्र दे दिया। सोमवार को अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद वोटिंग होनी थी। अर्चना मौर्य के इस्तीफा देने से सारी कार्यवाही स्थगित कर दी गयी। इस्तीफे की सूचना खंड विकास अधिकारी श्वेतांक सिंह ने ब्लाक पर चस्पा कर दी। अर्चना ने इस्तीफे की प्रति जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर और डीएम को भेजी है।
एसडीएम सदर सुनील कुमार वर्मा ने बीडीसी सदस्यों की बैठक हरहुआ विकास खंड सभागार में बुलाई। बैठक में इस्तीफा के बाबत सदस्यों को जानकारी दी और उन्हें नियमों की जानकारी दी। प्रभारी डीपीआरओ एवं एडीओ पंचायत बड़ागांव धनेंद्र सिंह ने इस्तीफे की स्वीकृति का पत्र लेकर हरहुआ ब्लाक मुख्यालय पहुंचे थे। वहीं अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के लिये उग्रसेन, पारसनाथ राजभर, सीता देवी, बेचू प्रसाद गोड़, संजय कन्नौजिया, इंद्रावती, कल्पना चौबे सहित कुल 110 बीडीसी उपस्थित थे। इस दौरान काफी पुलिस तैनात थी। सूत्रों की मानें तो ब्लाक के 136 सदस्यों में से 110 अर्चना के खिलाफ थे। अर्चना जब ब्लाक प्रमुख चुनी गई थी तब उनके 86 सदस्य थे और अशोक पटेल के साथ 48 सदस्य थे। प्रशासन को छह महीने में दोबारा चुनाव कराना होगा।
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विरोधियों ने मनाया जश्न
हरहुआ। ब्लाक प्रमुख अर्चना मौर्य के इस्तीफा देते ही विरोधी खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई। डॉ अशोक पटेल के नेतृत्व में अर्चना मौर्य को अपदस्थ करने के लिए संघर्ष कर रहे थे। डीजे के साथ डांस कर विरोधियों ने खुशी का इजहार किया। ब्लाक परिसर में लगे सरदार बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा को स्नान कराने के बाद माल्यार्पण किया। डॉ. अशोक पटेल ने विकास के प्रति समर्पित बीडीसी की जीत बताया।
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सपा ने कहा, पार्टी में नहीं हैं अरविंद और अर्चना
वाराणसी। ब्लाक प्रमुख अर्चना मौर्य के पति अरविंद मौर्य को पिछले विधानसभा चुनाव में सपा ने शिवपुर से उम्मीदवार बनाया था। हालांकि बाद में उनका टिकट काट दिया गया था। टिकट कटने के बाद से अरविंद की सपा में गतिविधि कम हो गई थी। सपा जिलाध्यक्ष डा. पीयूष यादव ने कहा कि अरविंद और अर्चना सपा में नहीं हैं। अरविंद को कई बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम में देखा गया है। वह भगवा रंग में रंग गए थे।