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हत्यारोपी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के हैं करोड़ों रुपये के मकान

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वाराणसी। डीरेका के कर्मचारी नेता ताराधीश कुमार मुकेश की हत्या का आरोपी हिस्ट्रीशीटर रवि नारायण सिंह उर्फ बबलू राय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है मगर उसके करोड़ों रुपये के मकान हैं। रवि नारायण आलीशान जिंदगी जीता है। मुकेश की हत्या की तफ्तीश कर रही पुलिस के अनुसार डीरेका में ऐसे कई अन्य कर्मचारी भी हैं जो परिषद की राजनीति में सक्रिय में रह कर ठेकेदारों के सिंडिकेट केे सहारे हर साल करोड़ों का खेल करते हैं। काम करने देने के एवज में ठेकेदारों से रंगदारी वसूलना, ना देने पर काम रुकवा देना और स्क्रैप की बिक्री सहित ठेकों से जुड़े अन्य सभी कार्यों में माफिया गुटों की दखल की जानकारी हर किसी को है मगर नकेल कसने के लिए कारगर उपाय नहीं किए जाते।
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हिस्ट्रीशीटर पंकज सिंह उर्फ डब्लू राय के खिलाफ रोहनिया और मंडुवाडीह थाने में हत्या के तीन, बलवा, धमकाने सहित अन्य आरोपों में सात मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, रवि नारायण के खिलाफ भी हत्या के तीन, धमकाने और बलवा सहित अन्य आरोप में छह मुकदमे दर्ज हैं। एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने रविवार को कहा कि हमारी तफ्तीश में सामने आया है कि रवि नारायण हीं नहीं ऐसे कुछ अन्य खास चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पास भी करोड़ों के मकान और कीमती संपत्तियां हैं। यह एक बेहद गंभीर मसला है। डब्लू राय और उसका भाई रवि नारायण वर्ष 2002 में डीरेका के कर्मचारी नेता के भाई प्रमोद सिंह और वर्ष 2004 में ठेकेदार अब्दुल्ला की हत्या के आरोपी हैं। दोनों भाई अपनी आपराधिक पृष्ठिभूमि के सहारे डीरेका से जुड़े ठेकेदारों और ठेकों को प्रभावित करते हैं। दोनों भाइयों और इनके करीबी खास ठेकेदारों का पिछले डेढ़ दशक से डीरेका में खासा दबदबा है। इसी तरह से कुछ अन्य दबंग कर्मचारियों और ठेकेदारों का भी गठजोड़ है।
एसएसपी ने कहा कि तफ्तीश में सामने आए तथ्यों के आधार पर डीरेका महाप्रबंधक को अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही इस संबंध में केंद्रीय सतर्कता आयोग को पत्र भेजकर ऐसे लोगों की संपत्तियों की जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही जहां भी आपराधिक मामला होगा वहां पुलिस अपनी कार्रवाई करेगी।
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