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जल निगम के कई और अभियंता निशाने पर

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वाराणसी। वर्ष 2009-10 से शुरू होकर फरवरी 2018 तक पूरी न हो पाने वाली जेएनएनयूआरएम की पेयजल परियोजना में अभी जल निगम के कई और अभियंता शासन के निशाने पर हैं। मनमाने तरीके से ओवरहेड टैंक बनाने और पाइप लाइन बिछाने के बाद न तो काम पूरा कराया गया और न ही योजना से अब तक जलापूर्ति शुरू हो पाई। जैसे-तैसे काम कराने के बाद ओवरहेड टैंक और पाइप लाइन को उसी हाल में छोड़ दिया गया। जगह-जगह बिछाई गई पाइप लाइनों को आपस में जोड़ने तक की जहमत नहीं उठाई गई। अब शासन की सख्ती पर योजना को जनोपयोगी बनाने की शुरू हुई मशक्कत जल निगम के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं। अब तक दो एक्सईएन समेत चार अभियंताओं के निलंबन से महकमे में खलबली मची है। एक पूर्व मुख्य अभियंता के खिलाफ एफआईआर के भी निर्देश दिए जा चुके हैं।
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शनिवार को यहां आए नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने हर हाल में इस पेयजल योजना को जल्द से जल्द जनोपयोगी बनाने की ताकीद की थी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री के निर्देश पर 518 करोड़ की इस योजना में कुल 37 अभियंताओं की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। ये वो अभियंता हैं, जिनके कार्यकाल में योजना की शुरुआत हुई और पाइपलाइन-ओवरहेड टैंक का काम कराया गया। ओवरहेड टैंक और पाइप लाइन की टेस्टिंग बार-बार फेल होने से जल निगम की चुनौतियां और बढ़ गई हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक एक तो मानक के अनुरूप काम नहीं कराया गया, दूसरे लंबे समय तक उपयोग में न लाए जाने के चलते भी जगह-जगह पाइप लाइन में खराबी आ गई है। पाइप लाइन के ज्वाइंट्स का गैप भी भरा गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जवाबदेह अभियंताओं को वापस वाराणसी से अटैच कर उन्हीं से गड़बडि़यां दुरुस्त कराने की कवायद की जा रही है। सेवानिवृत्त हो चुके एक पूर्व मुख्य अभियंता पर एफआईआर का भी निर्देश दिया गया है।
जल निगम के सूत्रों के मुताबिक शासन के दिशा-निर्देश के अनुरूप काम हुआ तब भी 30 जून से पहले जेएनएनयूआरएम की पेयजल योजना शुरू नहीं हो पाएगी यानी इस गर्मी में इस योजना का लाभ शहर को नहीं मिल पाएगा। पिछले चार जनवरी को मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ था कि अरसे से बिछाकर छोड़ी गई पाइप लाइन को आपस में जोड़ा तक नहीं गया है। इसके बाद पाइप लाइन को जोड़ने और परीक्षण कर जल्द से जल्द ओवरहेड टैंकों से सप्लाई शुरू कराने की ताकीद की गई। लेकिन उसके बाद भी काम में तेजी नहीं आ पाई। लापरवाही से नाराज नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने शनिवार को समीक्षा बैठक और निरीक्षण के दौरान जल निगम को जमकर फटकार लगाई थी।
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