वाराणसी। कैंट थाना अंतर्गत रमरेपुर में रविवार की सुबह अमृता सिंह (26) ने डेढ़ साल के बेटे अथर्व को फंदे से लटकाया और फिर खुद उसी के सहारे झूल गई। परिवारीजनों ने विंडो एसी से मां-बेटे को फंदे से लटके देखा तो शोर मचाया। विंडो एसी उखाड़कर कमरे में अंदर घुसे परिवारीजन दोनों को नजदीक स्थित अस्पताल ले गए जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की वजह अमृता के पति विनय की मानसिक बीमारी और घरेलू कलह बताया गया है। पुलिस ने दोनों शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
रमरेपुर निवासी राजेंद्र सिंह पहडि़या में आढ़ती हैं। उनके तीन बेटों में सबसे बड़े विनय का तकरीबन ढाई साल पहले गाजीपुर के सैदपुर की अमृता से विवाह हुआ था। अमृता की शादी से पहले ही उसके मां-बाप की मौत हो गई थी। विनय घर पर रहता है और पिता के काम में हाथ बंटाता है। बताया जाता है कि रविवार की सुबह 10 बजे के लगभग किसी बात से क्षुब्ध होकर अमृता ने अपने कमरे का दरवाजा अचानक बंद कर लिया। काफी देर तक कमरे से अमृता बाहर नहीं आई और दरवाजा खटखटाने पर जवाब भी नहीं मिला तो परिवारीजनों ने विंडो एसी से अंदर झांका।
देखा कि मां-बेटे फंदे से लटके हुए हैं तो शोर मचाया। आननफानन में विंडो एसी उखाड़कर परिवार के लोग अंदर घुसे और दोनों को फंदे से नीचे उतारकर अस्पताल ले गए। पुलिस की सूचना पर अमृता के बाबा सभाजीत सिंह भी पहुंचे थे। परिवार के लोगों का कहना था कि अमृता को किसी बात की तकलीफ नहीं थी। पति की दिमागी हालत ठीक न होने के कारण आए दिन कलह होता था। इस संबंध में इंस्पेक्टर कैंट ने बताया कि फिलहाल मायके पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट होने के बाद तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।