लापता भवनों और नव विस्तारित क्षेत्रों के भवनों के सर्वे के लिए रखे जाएंगे 50 सर्वेयर नगर निगम के जीआईएस सर्वे में 2000 खाली प्लाॅट मिले थे, 1500 पर बन गए मकान माई सिटी रिपोर्टर वाराणसी। जीआईएस सर्वे के दौरान मिले आवासों का सत्यापन अब तक नहीं हो पाया है। न ही नव विस्तारित इलाकों के भवनों के सर्वे का काम पूरा हो पाया है। सर्वे में 2000 खाली प्लाॅट पाए गए थे। इनमें से 1500 प्लाटों पर आवास बन गए लेकिन नगर निगम के रिकॉर्ड में न तो इनका मकान नंबर है और न ही इन पर गृहकर लगा है। इनमें कई अनावासीय भवन भी हैं। अब 50 सर्वेयर रखकर नए सिरे से सर्वे किया जाएगा। शहर के आठों जोन में करीब 56 हजार भवनों का सर्वे होना बाकी है। इनमें वे भवन भी हैं जो नगर निगम के रिकॉर्ड से लापता हैं। प्लाॅट से भवन बनाने के बाद मकान नंबर न लेने के कारण इन पर गृहकर भी नहीं लग रहा है। जबकि इन घरों में रहने वाले नगर निगम की सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। अब तक इन भवन स्वामियों को नगर निगम की ओर से नोटिस भी नहीं दिया गया है। इसका फायदा बीते पांच साल में खाली प्लाॅटों पर होटल, गेस्ट हाउस, स्टे होम, अस्पताल, कोचिंग बनाने वाले उठा रहे हैं। इनकी संख्या 400 से अधिक है। इन सभी की जांच हुई तो नगर निगम के राजस्व में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो जाएगी। ज्यादातर प्लाॅट को आवास में तब्दील करने वालों ने नगर निगम में मकान नंबर के लिए आवेदन तक नहीं किया है। गृहकर के रिकाॅर्ड में 2.25 भवन स्वामी हैं, लेकिन सर्वे से पता चला कि भवनों की संख्या 2.81 लाख है। अब भवन स्वामियों का सत्यापन कराने के लिए नए सिरे से सर्वे होगा। इसके लिए 50 से अधिक सर्वेयर रखने की तैयारी चल रही है।
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ऐसे तय होता है गृहकर गृहकर का वार्षिक मूल्यांकन सर्किल रेट के आधार पर तय होता है। नगर निगम क्षेत्र में अधिकतम 1.70 रुपये और न्यूनतम 65 पैसा प्रति वर्ग फीट प्रति माह की दर गृहकर लिया जाता है। खाली प्लाटों का कर 10 पैसे प्रति वर्ग फीट तय है। जितने वर्गफीट की जमीन होगी, उसी आधार पर कर पड़ता है। गृहकर का वार्षिक मूल्यांकन तय करने के लिए कुल जमीन में 20 फीसदी जमीन बाथरूम और शौचालय का हिस्सा निकाल दिया जाता है। इसके बाद 80 फीसदी जमीन का गृहकर तय किया जाता है। जो धनराशि बनती है, उसका 11 फीसदी गृहकर तय किया जाता है। 50 हजार रुपये से अधिक गृहकर आने पर 15 फीसदी और 50 हजार से कम होने पर 11 फीसदी गृहकर देना पड़ता है।
- कोट्स जीआईएस सर्वे के दौरान मिले भवनों और खाली प्लाॅटों का सत्यापन कराने के लिए 50 सर्वेयर रखे जाएंगे। इसकी प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही सभी भवनों और खाली प्लाॅटों का सत्यापन कराया जाएगा। नगर निगम सीमा में छूटे भवनों और खाली प्लाॅटों पर गृहकर जमा करने का नोटिस जल्द भेजा जाएगा। -राकेश कुमार सोनकर, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी