मुगलसराय। मुगलसराय स्टेशन के नाम बदलने को लेकर आंदोलन की कवायद आज की नहीं है। लंबे समय से स्टेशन के नाम को दीन दयाल उपाध्याय के नाम पर रखने के लिए जहां भाजपा के लोग प्रयासरत थे, वहीं स्टेशन को लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर रखने के लिए नगर की ही लाल बहादुर शास्त्री न्याय के सदस्य भी आंदोलित थे। केंद्र के बाद प्रदेश में भी भाजपा की सरकार बनने के बाद दीन दयाल उपाध्याय के खेमे के लोग उत्साहित थे। और अंतत: इसी नाम को कैबिनेट की भी मंजूरी मिली।
इस तरह लंबे समय से स्टेशन का नाम लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर रखने के लिए संघर्ष कर रहे संगठन के लोगों में जहां मायूसी है वहीं भाजपा से जुड़े लोगों ने खुशी जताई है। दरअसल स्टेशन का नाम दो महापुरुषों के नाम पर रखने को लेकर काफी समय से विवाद था। एक तरफ पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जन्मस्थली सेवा न्यास ने इन्हीं के नाम पर स्टेशन का नाम रखने के लिए लंबे समय से आंदोलन चला रखा था। इस क्रम में मुगलसराय से लेकर दिल्ली तक पत्र, पदयात्रा, प्रदर्शन व पोस्ट कार्ड के जरिए राष्ट्रपति एवं मुख्य न्यायाधीश तक गुहार लगाई थी। दूसरी तरफ भाजपा के केन्द्रीय सत्ता में आने के बाद चंदौली के भाजपा सांसद डा. महेन्द्र नाथ पांडेय ने इस मुद्दे को लेकर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात की और फिर पार्टी की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर स्टेशन का नाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय रखने संबंधित पत्र सौंपा था। इसके पहले उन्होंने संसद में भी यह प्रस्ताव दिया था। इस मुद्दे पर नगर पालिका की बैठक में भी गत दिनों हंगामा हुआ था।