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आखिरकार किस महिला का नाम लेकर चीख रही थी डॉ. शैलजा

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वाराणसी। विनायका स्थित विनायका अपार्टमेंट की छत से डीएवी पीजी कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शैलजा सिंह जमीन पर कैसे गिरीं, पुलिस इसकी जांच करेगी। हालांकि इस संबंध में भेलूपुर थाने पर डॉ. शैलजा के पति या परिजनों की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। वहीं, अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों में प्रकरण को लेकर तरह-तरह की चर्चाओं के दौर जारी है। कहना था कि आखिरकार वो कौन महिला थी जिसका नाम बार-बार लेकर डॉ. शैलजा चीख रही थी और अपने दोस्त डॉ. सतीश से झगड़ा कर रही थीं। अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों का कहना था कि कहीं उस महिला से डॉ. सतीश की दोस्ती बढ़ती देख डॉ. शैलजा ने अपनी दोस्ती टूट जाने के डर से अवसाद में आकर तो जान नहीं दे दी।
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डीएवी पीजी कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग में कार्यरत रहीं डॉ. शैलजा शनिवार को कॉलेज के दर्शनशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सतीश कुमार सिंह के विनायका अपार्टमेंट स्थित फ्लैट पर गई थी। इस दौरान दोनों ने शराब पी और उनके बीच जमकर झगड़ा हुआ। अपार्टमेंट के लोगों की सूचना पर पुलिस आई और डॉ. सतीश से बातचीत हो रही थी कि तभी पता लगा कि डॉ. शैलजा चार मंजिला अपार्टमेंट की छत से जमीन पर गिरी पड़ी हैं। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद डॉ. शैलजा का अंतिम संस्कार हरिश्चंद्र घाट पर किया गया, जहां मुखाग्नि उनके पति ने दी। डॉ. शैलजा अपने पति और दोनों बेटियों से अलग रहती थी।
उधर, पुलिस के अनुसार डॉ. शैलजा की मौत गर्दन और रीढ़ की हड्डी टूट जाने के साथ ही सिर में गंभीर चोट लगने के कारण हुई है। बिसरा को सुरक्षित रखा गया है, जिसे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। वहीं, इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि भेलूपुर थाने के एक दरोगा को निर्देशित किया गया है कि प्रकरण की तह तक जाएं। पता लगाएं कि आखिर डॉ. शैलजा छत से जमीन पर कैसे और क्यों गिरीं। उनके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के साथ ही आसपास लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाल कर दरोगा को रिपोर्ट देने को कहा गया है।
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डॉ. शैलजा सिंह की मौत की विभागीय जांच डीएवी पीजी कॉलेज कराएगा। कॉलेज के मीडिया प्रभारी प्रताप बहादुर सिंह ने बताया कि समाजशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विक्रमादित्य राय की अध्यक्षता में प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है जो 15 दिन में महाविद्यालय प्रशासन को रिपोर्ट सौंपेगा। उधर, सोमवार को डॉ. शैलजा को श्रद्धांजलि देने के बाद महाविद्यालय में पठन-पाठन स्थगित कर दिया गया।
डॉ. शैलजा की मौत के बाद से उनके दोस्त डॉ. सतीश कुमार सिंह अपने फ्लैट पर नहीं हैं। अपार्टमेंट के लोगों ने बताया कि डॉ. सतीश चंदौली जिले के बरहनी गांव के रहने वाले हैं। एक साल पहले तक डॉ. सतीश अपने साथ मां को रखते थे। जब डॉ. शैलजा का उनके फ्लैट पर आना-जाना शुरू हुआ तो उन्होंने अपनी मां को गांव भेज दिया था।
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