वाराणसी। बीएचयू में रेक्टर पद पर नियुक्ति में अनियमितता की शिकायत को राष्ट्रपति सचिवालय ने संज्ञान लिया है। विज्ञान संकाय के भू भौमिकी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. रामाश्रय सिंह ने राष्ट्रपति से शिकायत कर प्रो. वीके शुक्ला की इस पद पर नियुक्ति को गलत ठहराते हुए जांच की मांग की थी। इस पर राष्ट्रपति सचिवालय ने मामले को 28 जनवरी को एमएचआरडी सचिव को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। मंगलवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में प्रो. सिंह ने अनियमित नियुक्ति के लिए कुलपति और कुलसचिव को जिम्मेदार ठहराया और कार्रवाई की मांग की।
विश्वविद्यालय में 13 दिसंबर को चिकित्सा विज्ञान संस्थान के तत्कालीन निदेशक प्रो. वीके शुक्ला ने रेक्टर पद का कार्यभार ग्रहण किया था। इसके बाद भू भौमिकी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. रामाश्रय सिंह ने 15 जनवरी को राष्ट्रपति से शिकायत कर नियुक्ति पर सवाल खड़ा करते हुए न्याय की गुहार लगाई थी।
प्रेस कांफ्रेंस में प्रो. सिंह ने बताया कि उन्होंने रेक्टर पद के लिए कुलपति प्रो. राकेश भटनागर को अपना बायोडाटा दिया था। इसके अलावा इसे 26 नवंबर 2018 को कार्यकारिणी परिषद के एजेंडे में भी शामिल किया गया था। बावजूद इसके कुलपति ने इसका जिक्र तक बैठक में नहीं किया। आरोप लगाया कि बैठक में किसी के नाम पर फैसला नहीं हुआ था लेकिन कुलपति ने प्रो. वीके शुक्ला को रेक्टर बनाने का आदेश जारी कर दिया। नियमानुसार जब कार्यकारिणी परिषद में फैसला नहीं हुआ तो मामले को विजिटर के पास भेजा जाना चाहिए था, वह भी नहीं हुआ।